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Sitapur News: संक्रमण से हुई थी विकास की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Fri, 07 Aug 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:50 PM IST
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विकास
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सीतापुर। बिड़ला विद्या मंदिर हरगांव के कक्षा 11 के छात्र विकास की मौत सेप्टीसीमिक शॉक यानी संक्रमण के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण स्पष्ट हो गया है। कल्यानपुर निवासी पिता सतीश ने बताया कि विकास की अचानक तबीयत खराब होने पर बृहस्पतिवार सुबह सीएचसी लाए थे। डॉक्टर पंकज ने चेकअप किया। उसके बाद कंपाउंडर ने दो इंजेक्शन लगाए थे।
इंजेक्शन लगाने के बाद हालत और बिगड़ गई। कुछ ही देर में विकास की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत कराया था।
सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर ने बताया कि सुबह आठ बजे परिजन सीएचसी लाए थे। उस समय विकास को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। वह बेहोशी की हालत में था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें मौत का कारण सेप्टीसीमिक शॉक आया है। इलाज में चिकित्सक की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
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क्या होता है सेप्टीसीमिक शॉक
सीएमओ ने बताया कि सेप्टिकसीमिक शॉक एक बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति है। यह तब होती है जब शरीर में किसी संक्रमण (इन्फेक्शन) के कारण रक्तचाप खतरनाक रूप से गिर जाता है, जिससे अंगों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। रक्तचाप में भारी गिरावट जो दवाओं से भी आसानी से ठीक नहीं होती है। दिल की धड़कन बढ़ जाती है। सांस लेने में भारी तकलीफ, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति या बेहोशी, पेशाब बहुत कम आना या बिल्कुल बंद हो जाना, त्वचा का ठंडा, पीला या चिपचिपा होना लक्षण प्रतीत होते है।
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इंजेक्शन लगाने के बाद हालत और बिगड़ गई। कुछ ही देर में विकास की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत कराया था।
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सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर ने बताया कि सुबह आठ बजे परिजन सीएचसी लाए थे। उस समय विकास को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। वह बेहोशी की हालत में था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसमें मौत का कारण सेप्टीसीमिक शॉक आया है। इलाज में चिकित्सक की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
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क्या होता है सेप्टीसीमिक शॉक
सीएमओ ने बताया कि सेप्टिकसीमिक शॉक एक बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति है। यह तब होती है जब शरीर में किसी संक्रमण (इन्फेक्शन) के कारण रक्तचाप खतरनाक रूप से गिर जाता है, जिससे अंगों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। रक्तचाप में भारी गिरावट जो दवाओं से भी आसानी से ठीक नहीं होती है। दिल की धड़कन बढ़ जाती है। सांस लेने में भारी तकलीफ, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति या बेहोशी, पेशाब बहुत कम आना या बिल्कुल बंद हो जाना, त्वचा का ठंडा, पीला या चिपचिपा होना लक्षण प्रतीत होते है।