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Sonebhadra News: औद्योगिक विस्तार के लिए लैंड बैंक जरूरी, एडवेंचर टूरिज्म से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा
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कलेक्ट्रेट में डभ्एम को ज्ञापन सौपने पहुंचे उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारी। संवाद
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को डीएम चर्चित गौड़ से मिला। पत्रक सौंपते हुए कहा कि औद्योगिक विस्तार के लिए यहां लैंड बैंक का होना जरूरी है। एडवेंचर टूरिज्म पर विशेष जोर देने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा
मिलेगा। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के साथ आदिवासी युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षण दिए जाने की मांग रखी गई। कहा गया कि जिले फूड प्रोसेसिंग की ढेरों संभावनाएं हैं। खेती आधारित उद्योग के लिए बड़े स्तर पर आर्गेनिक-हर्बल खेती की जरूरत जताई।
संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जिला चार राज्यों बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से सटा है। यहां लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट की दृष्टि से वेयरहाउसिंग, मल्टी स्टेट हब स्थापित किएं जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि 600 से 800 एकड़ जमीन का लैंड बैंक तैयार किया जाए। ऐसा नहीं हो पा रहा है तो लैंड पुलिंग (भूमि समेकन) मॉडल अपनाया जाए ताकि भूमि अधिग्रहण के मसले अनावश्यक पेंच की स्थिति न बनने पाए। पर्यटन आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इको टूरिज्म, एडवेंचर, होटल रिसार्ट, ट्रैवल सर्विस, एवं स्मारिका बाजार आदि की जरूरत जताई। कहा कि मुक्खा फाल, धंधरौल बांध, विजयगढ़ किला, कंडाकोट पहाड़ी, फॉसिल्स पार्क जैसे स्थलों पर इको फ्रेंडली कॉटेज, बर्ड वाचिंग, मेडिटेशन स्पॉट, नेचर ट्रेल स्थापित करने के साथ ही आदिवासी युवकों को स्थानीय गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन-रोजगार दोनों की दृष्टि से काम किया जा सकता है।
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नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि सोनभद्र में ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बोटिंग, कैंपिंग एवं बोन फायर के रूप में एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इस पर काम किए जाने की जरूरत है। जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट आदि स्थापित कर जिले का खासा विकास किया जा सकता है। जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल ने कहा कि क्लस्टर मॉडल अपना कर फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट पर काम किया जाए। इस दौरान राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, कृष्णा सोनी, यशपाल सिंह, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, पंकज कनोडिया, अभिषेक साहू, अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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मिलेगा। पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के साथ आदिवासी युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षण दिए जाने की मांग रखी गई। कहा गया कि जिले फूड प्रोसेसिंग की ढेरों संभावनाएं हैं। खेती आधारित उद्योग के लिए बड़े स्तर पर आर्गेनिक-हर्बल खेती की जरूरत जताई।
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संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि जिला चार राज्यों बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से सटा है। यहां लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट की दृष्टि से वेयरहाउसिंग, मल्टी स्टेट हब स्थापित किएं जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि 600 से 800 एकड़ जमीन का लैंड बैंक तैयार किया जाए। ऐसा नहीं हो पा रहा है तो लैंड पुलिंग (भूमि समेकन) मॉडल अपनाया जाए ताकि भूमि अधिग्रहण के मसले अनावश्यक पेंच की स्थिति न बनने पाए। पर्यटन आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इको टूरिज्म, एडवेंचर, होटल रिसार्ट, ट्रैवल सर्विस, एवं स्मारिका बाजार आदि की जरूरत जताई। कहा कि मुक्खा फाल, धंधरौल बांध, विजयगढ़ किला, कंडाकोट पहाड़ी, फॉसिल्स पार्क जैसे स्थलों पर इको फ्रेंडली कॉटेज, बर्ड वाचिंग, मेडिटेशन स्पॉट, नेचर ट्रेल स्थापित करने के साथ ही आदिवासी युवकों को स्थानीय गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर पर्यटन-रोजगार दोनों की दृष्टि से काम किया जा सकता है।
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नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि सोनभद्र में ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बोटिंग, कैंपिंग एवं बोन फायर के रूप में एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इस पर काम किए जाने की जरूरत है। जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट आदि स्थापित कर जिले का खासा विकास किया जा सकता है। जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल ने कहा कि क्लस्टर मॉडल अपना कर फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गेनिक खेती, हर्बल प्रोडक्ट पर काम किया जाए। इस दौरान राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, कृष्णा सोनी, यशपाल सिंह, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, पंकज कनोडिया, अभिषेक साहू, अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।