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Sonebhadra News: नाले की सफाई 90 प्रतिशत पूरा, किनारे छोड़ दिया मलबा
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रेलवे कॉलोनियों में जल भराव न हो इसके लिए रेलवे की ओर से नाले की सफाई कराई जा रही है। काम लगभग पूरा हो गया है। हालांकि नाले से निकला मलबा किनारे ही छोड़ दिया गया है। ऐसे में बारिश होते ही फिर से मलबा वापस नाले में चला जाएगा। इससे कॉलोनियों में जल भराव की आशंका बनी रहेगी।
रेलवे की 17 कॉलोनियों में लगभग 4 हजार क्वार्टर हैं। रेलवे कॉलोनियों के साथ रेलवे स्टेशन से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है। विभिन्न कॉलोनियों से होते हुए नाला सहजौर गांव के समीप गंगा नदी में गिरता है। इसी नाले में नगर का मलजल मिलता है। इस तरह रोजाना नाले के सहारे 35 एमएलडी सीवेज गंगा में गिरता है। हर वर्ष नाले की सफाई रेलवे की ओर से कराया जाता है। मई माह में इसकी सफाई कराई जाती है और मानसून के पहले सफाई पूरी हो जाती है। इस वर्ष देरी से सफाई की शुरूआत हुई। इस वर्ष मानसून आने में देरी हुई है। ऐसे में नाले की सफाई जारी है। स्वच्छता विभाग के अनुसार नाले की सफाई लगभग पूरा हो चुकी है। बृहस्पतिवार को तक सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा। दूसरी तरफ मशीन से नाले का मलबा निकाल कर किनारे रख दिया गया है। इस संंबंध में मंडल जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने बताया कि नाले की सफाई का कार्य पूरा हो गया है। मलबा भी लगातार हटाया जा रहा है।
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रेलवे की 17 कॉलोनियों में लगभग 4 हजार क्वार्टर हैं। रेलवे कॉलोनियों के साथ रेलवे स्टेशन से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है। विभिन्न कॉलोनियों से होते हुए नाला सहजौर गांव के समीप गंगा नदी में गिरता है। इसी नाले में नगर का मलजल मिलता है। इस तरह रोजाना नाले के सहारे 35 एमएलडी सीवेज गंगा में गिरता है। हर वर्ष नाले की सफाई रेलवे की ओर से कराया जाता है। मई माह में इसकी सफाई कराई जाती है और मानसून के पहले सफाई पूरी हो जाती है। इस वर्ष देरी से सफाई की शुरूआत हुई। इस वर्ष मानसून आने में देरी हुई है। ऐसे में नाले की सफाई जारी है। स्वच्छता विभाग के अनुसार नाले की सफाई लगभग पूरा हो चुकी है। बृहस्पतिवार को तक सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा। दूसरी तरफ मशीन से नाले का मलबा निकाल कर किनारे रख दिया गया है। इस संंबंध में मंडल जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने बताया कि नाले की सफाई का कार्य पूरा हो गया है। मलबा भी लगातार हटाया जा रहा है।
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