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Sonebhadra News: एक महीने से खराब पड़ा सरकारी नलकूप, निजी पंपों के भरोसे धान की नर्सरी बचा रहे किसान
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टांडाकला क्षेत्र के चकिया टांडा कला का 251 एमजीएस नलकूप खराब पड़ा
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धान की रोपाई के मौसम में क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है। रमदत्तपुर ग्रामसभा के चकिया टांडा स्थित सिंचाई विभाग का सरकारी नलकूप संख्या - 251 एमजीएस करीब एक महीने से खराब पड़ा है। इसके चलते किसान निजी पंपसेट से महंगे दाम पर पानी खरीदकर धान की नर्सरी बचाने के लिए मजबूर हैं।
स्थानीय किसान प्रमोद यादव ने बताया कि नलकूप खराब होने की सूचना काफी समय पहले ही नलकूप चालक को दे दी गई थी। इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। धान की रोपाई का समय चल रहा है और ऐसे में नलकूप बंद रहने से सिंचाई का संकट गहरा गया है।
सरकारी नलकूप बंद होने के कारण किसानों को निजी पंपसेट संचालकों से पानी लेकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द नलकूप चालू नहीं हुआ तो धान की नर्सरी और रोपाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग से नलकूप की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि समय पर सिंचाई की व्यवस्था हो सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई शरद गुप्ता ने बताया कि नलकूप खराब होने की जानकारी उन्हें पहले नहीं मिली थी। संबंधित ऑपरेटर से रिपोर्ट मांगी जा रही है। मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द नलकूप की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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स्थानीय किसान प्रमोद यादव ने बताया कि नलकूप खराब होने की सूचना काफी समय पहले ही नलकूप चालक को दे दी गई थी। इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। धान की रोपाई का समय चल रहा है और ऐसे में नलकूप बंद रहने से सिंचाई का संकट गहरा गया है।
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सरकारी नलकूप बंद होने के कारण किसानों को निजी पंपसेट संचालकों से पानी लेकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द नलकूप चालू नहीं हुआ तो धान की नर्सरी और रोपाई दोनों प्रभावित हो सकती हैं। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग से नलकूप की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि समय पर सिंचाई की व्यवस्था हो सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई शरद गुप्ता ने बताया कि नलकूप खराब होने की जानकारी उन्हें पहले नहीं मिली थी। संबंधित ऑपरेटर से रिपोर्ट मांगी जा रही है। मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द नलकूप की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की परेशानी न हो।