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Sonebhadra News: हल्दी-मेहंदी लगने के बाद बताया लक्ष्य पूरा, सामूहिक विवाह में नहीं हो पाएगी शादी
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कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह योजना से वंचित परिवार के लोग। संवा
- फोटो : स्रोत : विभाग
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सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जिम्मेदारों की लापरवाही ने सात बेटियों के हाथ पीले करने के अरमानों पर ग्रहण लगा दिया है। आवेदन, सत्यापन और चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार बेटियों की शादी की तैयारी में जुटा था। हल्दी-मेहंदी की रस्म भी पूरी कर ली गई। अचानक दो दिन पहले लक्ष्य पूरा होने की दलील देते हुए उनका विवाह योजना के तहत कराने से इन्कार कर दिया गया। नाराज वर-वधू पक्ष ने सोमवार को सामूहिक विवाह स्थल और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नाराजगी जताई। अफसरों ने जांच कराने और तीन दिन बाद होने वाले दूसरे आयोजन में शादी का आश्वासन दिया है।
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मारकुंडी ग्राम पंचायत सात पात्र युवतियों के विवाह के लिए परिवार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया था। परिवारों का कहना है कि पात्रता की जांच और सत्यापन में सब ठीक होने के बाद उन्हें 23 मार्च को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में समय से उपस्थित होने के लिए बताया गया था। इसके बाद परिवारों में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार हल्दी-मेहंदी जैसे मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। रिश्तेदार भी जुटने लगे थे। 21 मार्च को सूचना दी गई कि योजना का लक्ष्य पूरा हो गया है, लिहाजा सातों लाभार्थियों काे इस बार सामूहिक विवाह में शामिल नहीं किया जाएगा। इस फैसले से परिवारों में मायूसी छा गई। ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने अधिकारियों से फोन पर बात करके आपत्ति दर्ज कराई गई। बताया कि यदि मांगलिक कार्यक्रमों के साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं तो 26 मार्च को चोपन में प्रस्तावित सामूहिक विवाह में इन लाभार्थियों को शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।
घर आ गए रिश्तेदार तब बताया कि नहीं होगी शादी
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मारकुंडी ग्राम पंचायत के मीना बाजार निवासी रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि पुत्री सपना की शादी शाहगंज क्षेत्र के बालडीह गांव में तय की है। सत्यापन करने पहुंचे ब्लॉक के अधिकारियों ने बताया कि पुत्री की शादी 23 मार्च को डायट परिसर में होगी। इस पर सभी नात-रिश्तेदार में निमंत्रण पत्र बांट दिया गया। शादी की रस्में भी शुरू हो गई, अब बताया गया कि उनकी शादी नहीं कराई जाएगी।
मारकुंडी के टोला चकरिया निवासी विनोद ने अपनी पुत्री ममता की शादी मधुपुर क्षेत्र में तय करते हुए सामूहिक विवाह के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए कहा गया था, मगर उन्हें अचानक एक दिन पहले मना कर दिया गया। पूछने पर बताया गया कि टारगेट पूरा हो गया है। अब सामूहिक विवाह अगले तिथि पर कराया जाएगा।
सामूहिक विवाह से यह जोड़े बाहर
मारकुंडी ग्राम पंचायत की रीता पुत्री विजय प्रसाद, सरोज कुमारी पुत्री रतन लाल, संजना पुत्री विफन, सुषमा पुत्री रामदास, संध्या पुत्री भूनेश्वर, सुरसती पुत्री बचऊ, ममता पुत्री विनेाद कुमार और सपना पुत्री रामेश्वर प्रसाद की शादी 23 मार्च को होनी थी। इन्हें ऐन वक्त पर सामूहिक विवाह में शामिल होने से मना कर दिया गया।
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मारकुंडी का मामला संज्ञान में हैं। खंड विकास अधिकारी की तरफ से इन जोड़ों की लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। शासन से इनकी आईडी उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में इन जोड़ों की शादी नहीं हो सकती। 26 मार्च को चोपन में सामूहिक विवाह होना है, वहां उनकी शादी कराई जा सकती है।-ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी l
ब्लॉक स्तर पर सामूहिक विवाह के लिए 78 जोड़ों का लक्ष्य मिला था। आवेदन 200 से अधिक आए थे। इसमें यह सात जोड़े भी शामिल हैं। डोंगल लगने के बाद ही जोड़ों को शादी कराई जाती है। डोंगल नहीं लगने से इन जोड़ों की शादी नहीं हो सकी, अगले तिथि पर इनकी शादी कराई जाएगी। - लालजी शुक्ल, खंड विकास अधिकारी-रॉबर्ट्सगंज।
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रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मारकुंडी ग्राम पंचायत सात पात्र युवतियों के विवाह के लिए परिवार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया था। परिवारों का कहना है कि पात्रता की जांच और सत्यापन में सब ठीक होने के बाद उन्हें 23 मार्च को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में समय से उपस्थित होने के लिए बताया गया था। इसके बाद परिवारों में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार हल्दी-मेहंदी जैसे मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। रिश्तेदार भी जुटने लगे थे। 21 मार्च को सूचना दी गई कि योजना का लक्ष्य पूरा हो गया है, लिहाजा सातों लाभार्थियों काे इस बार सामूहिक विवाह में शामिल नहीं किया जाएगा। इस फैसले से परिवारों में मायूसी छा गई। ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव ने अधिकारियों से फोन पर बात करके आपत्ति दर्ज कराई गई। बताया कि यदि मांगलिक कार्यक्रमों के साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं तो 26 मार्च को चोपन में प्रस्तावित सामूहिक विवाह में इन लाभार्थियों को शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।
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घर आ गए रिश्तेदार तब बताया कि नहीं होगी शादी
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मारकुंडी ग्राम पंचायत के मीना बाजार निवासी रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि पुत्री सपना की शादी शाहगंज क्षेत्र के बालडीह गांव में तय की है। सत्यापन करने पहुंचे ब्लॉक के अधिकारियों ने बताया कि पुत्री की शादी 23 मार्च को डायट परिसर में होगी। इस पर सभी नात-रिश्तेदार में निमंत्रण पत्र बांट दिया गया। शादी की रस्में भी शुरू हो गई, अब बताया गया कि उनकी शादी नहीं कराई जाएगी।
मारकुंडी के टोला चकरिया निवासी विनोद ने अपनी पुत्री ममता की शादी मधुपुर क्षेत्र में तय करते हुए सामूहिक विवाह के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए कहा गया था, मगर उन्हें अचानक एक दिन पहले मना कर दिया गया। पूछने पर बताया गया कि टारगेट पूरा हो गया है। अब सामूहिक विवाह अगले तिथि पर कराया जाएगा।
सामूहिक विवाह से यह जोड़े बाहर
मारकुंडी ग्राम पंचायत की रीता पुत्री विजय प्रसाद, सरोज कुमारी पुत्री रतन लाल, संजना पुत्री विफन, सुषमा पुत्री रामदास, संध्या पुत्री भूनेश्वर, सुरसती पुत्री बचऊ, ममता पुत्री विनेाद कुमार और सपना पुत्री रामेश्वर प्रसाद की शादी 23 मार्च को होनी थी। इन्हें ऐन वक्त पर सामूहिक विवाह में शामिल होने से मना कर दिया गया।
मारकुंडी का मामला संज्ञान में हैं। खंड विकास अधिकारी की तरफ से इन जोड़ों की लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। शासन से इनकी आईडी उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में इन जोड़ों की शादी नहीं हो सकती। 26 मार्च को चोपन में सामूहिक विवाह होना है, वहां उनकी शादी कराई जा सकती है।-ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी l
ब्लॉक स्तर पर सामूहिक विवाह के लिए 78 जोड़ों का लक्ष्य मिला था। आवेदन 200 से अधिक आए थे। इसमें यह सात जोड़े भी शामिल हैं। डोंगल लगने के बाद ही जोड़ों को शादी कराई जाती है। डोंगल नहीं लगने से इन जोड़ों की शादी नहीं हो सकी, अगले तिथि पर इनकी शादी कराई जाएगी। - लालजी शुक्ल, खंड विकास अधिकारी-रॉबर्ट्सगंज।