UP: मुख्यालय पर ही अवैध ढंग से चल रहा था अस्पताल, जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सील; 21 घंटे तक देते रहे भरोसा
सोनभद्र मुख्यालय पर अवैध रूप से संचालित अस्पताल में उपचार के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। आरोप है कि 21 घंटे तक सामान्य प्रसव का भरोसा दिया जाता रहा, जबकि ऑपरेशन के समय बच्चे की मौत हो गई। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर जांच शुरू कर दी।
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अवैध ढंग से संचालित अस्पताल में लापरवाही से फिर जच्चा-बच्चा की मौत हुई है। इस बार घटना जिला मुख्यालय पर हुई। आरोप है कि इमरती काॅलोनी के सामने संचालित अवैध अस्पताल में शुक्रवार की सुबह ऑपरेशन के दौरान जहां बच्चे की मौत हुई।
वहीं उपचार के लिए वाराणसी पहुंचने पर मां (प्रसूता) ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने शाम को अस्पताल सील कर दिया। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बेलखुरी निवासी राजेश प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी मीना देवी (37) को बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे इमरती कॉलोनी के सामने संचालित सिंह हेल्थ केयर अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि उन्होंने इससे पहले ऑपरेशन से बेटी के जन्म की जानकारी दी लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने कहा कि सामान्य तरीके से प्रसव हो जाएगा और इसी के चक्कर में 21 घंटे गुजार दिए गए।
बीच-बीच में पानी चढ़ाने, इंजेक्शन लगाने का क्रम जारी रहा। शुक्रवार की सुबह जब हालत बिगड़ने लगी तब नौ बजे के करीब उसे ऑपरेशन कक्ष में ले जाया गया। ऑपरेशन के दौरान ही जहां बच्चे की मौत हो गई। वहीं जच्चा को ऑपरेशन के बाद खून चढ़ाया जाने लगा। कुछ ही देर में उसकी भी हालत काफी खराब हो गई तब एंबुलेंस बुलाकर वाराणसी भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर प्रसूता को मृत घोषित कर दिया गया।
उधर, इसकी जानकारी मिलने सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्र ने एसीएमओ/नोडल को जांच के लिए मौके पर भेजा। जांच में पता चला कि बगैर पंजीयन के ही अस्पताल संचालित किया जा रहा था। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल सील करा दिया गया है। संचालक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
डेढ़ माह में बिना पंजीयन अस्पताल में प्रसूता के मौत की दूसरी घटना
मुख्यालय की तरह ही कोन में गत 30 मई को अवैध अस्पताल में प्रसव के लिए लाई गई आशा कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। ऑपरेशन के समय बच्चा तो बच गया लेकिन इस मामले में जच्चा-बच्चा दोनों की माैत हो गई।