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Sonebhadra News: हर 25 मिनट पर कट रही बिजली, ट्रिपिंग से लोग बेहाल, कागजों में निर्बाध आपूर्ति
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हाइडिल उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर कोठंडा रखने के लिए लगाया गया कूलर। स्रोत स्वयं
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सोनभद्र। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। तापमान बढ़ने पर जहां ट्रांसफाॅर्मर हांफने लगे हैं तो वहीं अनियमित बिजली कटौती होने से उपभोक्ता चैन की नींद भी नहीं ले पा रहा। ट्रिपिंग की समस्या इस कदर बढ़ गई है कि हर 25 मिनट पर बिजली गुल हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और बदतर है। वहां दिन में रोस्टर के नाम पर आपूर्ति बंद की जा रही है और रात में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग के कारण निर्बाध बिजली नहीं मिल रही। एसी-कूलर वाले घरों में भी लोग बेहाल हैं। निगम सिर्फ कागजों में ही 20 से 24 घंटे की बिजली आपूर्ति करने का दावा कर रहा है।
शासन की तरफ से जिला मुख्यालय पर 24, तहसील मुख्यालयों पर 20 से 22 और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है। राॅबर्ट्सगंज नगर में महज 20 से 22 घंटे ही बमुश्किल बिजली आपूर्ति हो पा रही है। इसमें भी करीब 15 बार बीच-बीच में ट्रिपिंग हो रही है। निगम की तरफ से कभी पेड़ों कटाई-छंटाई के नाम पर तो कभी मरम्मत के नाम पर कटौती भी की जा रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में सुबह आठ बजे के बाद कट रही लाइन पूरे दिन नहीं मिल रही है। रात में बिजली तो मिल रही है, मगर उसमें भी रोस्टर के नाम पर दो से तीन घंटे तक कटौती हो रही है। कुसुम्हा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में यह समस्या अक्सर बनी हुई है। कई बार की ट्रीपिंग के बाद शनिवार की रात में बिजली आपूर्ति हुई। रात में करीब 11.20 बजे बिजली गुल हो गई। रात में करीब 1.30 उपभोक्ताओं की तरफ से कुसुम्हा फीडर पर तैनात एसएसओ से रात में बिजली कटाैती किए जाने का कारण पूछा गया।
एसएसओ का कहना था कि फीडर से रोस्टर केे अनुसार कटौती की गई है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। रात में करीब दो बजे बिजली आई। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक रात में बिजली गुल रही। यह एक दिन की समस्या नहीं बल्कि बिजली कटौती रुटीन की समस्या बन गई है। इससे उपभोक्ताओं की रात की नींद और दिन का चैन गायब हो गया है। कुसुम्हार फीडर से जुड़े लसड़ा, सिरपालपुर, धोबही, अक्छोर, बिजौली, पॉली, बेठिगांव, बेलाही, अमौली समेत अन्य गांवों में अनियमित बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।
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पसही उपकेंद्र से मिल रही लो-वोल्टेज बिजली
पसही उपकेंद्र से आठ फीडर संचालित हो रहे हैं। पसही उपकेंद्र और हिंदुआरी फीडर से जुड़े क्षेत्र गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। पसही उपकेंद्र से जुड़े गांव ममुआ, बुड़हर, मानपुर, तियरा, बुड़हर खुर्द, ओरगाई, बबूरा, हिंदुआरी, पसही, बगहीं समेत 25 से अधिक गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। लो वोल्टेज की वजह से न तो मोटर संचालित हो पा रहा है और न ही कूलर, पंखा ही चल पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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गर्मी में हांफने लगे ट्रांसफाॅर्मर, लगाए गए कूलर
गर्मी में ट्रांसफॉर्मर का ओवर हीटिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो और ट्रांसफॉर्मर का टेंपरेचर मेंटेन रखने के लिए कूलर लगाए जा रहे हैं। राॅबर्ट्सगंज नगर स्थित हाइडिल उपकेंद्र पर 10-10 एमवी के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। दोनों ट्रांसफॉर्मर को ओवर हीटिंग से बचाने के लिए दो बड़े कूलर लगाए गए हैं। अवसर अभियंता धर्मेंद्र कुमार पटेल का कहना है कि तापमान बढ़ने की वजह से ट्रांसफॉर्मर का तापमान (टेंपरेचर) अधिक भागने लग जा रहा है। ऐसे में ट्रांसफॉर्मर को ठंड रखने के लिए कूलर लगाया गया है।
4-5 ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे, 317 रिजर्व में
छपका स्थित वर्कशाॅप करीब 317 ट्रांसफॉर्मर मरम्मत करके रिजर्व में रखे गए हैं। वर्कशॉप छपका के अवर अभियंता तरुण सिंह ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर मरम्मत के लिए प्रयोग में लाए जाने वाला तेल पर्याप्त उपलब्ध है। 18 केएल (1800 लीटर) तेल मंगलवार तक पहुंच जाएगा। जिले के तापमान में वृद्धि होने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी फूंकने लगे हैं। पहले जहां एक दिन में 2 से 3 ट्रांसफॉर्मर फूंकते थे। प्रतिदिन करीब 4 से 5 ट्रांसफॉर्मर जले जा रहे हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। कहीं फॉल्ट होने की स्थिति में या फिर पेड़ के टहनियों की छंटाई के दौरान ही आपूर्ति बाधित रहती है। ट्रिपिंग की समस्या नगर क्षेत्र में नहीं है। ग्रामीण इलाकों में भी नियमानुसार आपूर्ति हो रही है।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीओ-रॉबर्ट्सगंज।
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स्मार्ट मीटर की मनमानी कटौती से उपभोक्ता नाराज
केकराही। स्थानीय क्षेत्र के गांवों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से आ रहे बिजली बिल और बकाया राशि पर हो रही अनियमित कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम की तरफ से बिल जमा करने के स्पष्ट मानक तय न होने के कारण छोटी-छोटी बकाया राशि पर भी सप्लाई काटी जा रही है। स्मार्ट मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं को बताया गया था कि करीब 5000 तक का बकाया होने पर ही बिजली काटी जाएगी, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि 100, 200 या 500 जैसे मामूली बकाया पर भी तत्काल बिजली सप्लाई बंद कर दी जा रही है, जिससे उन्हें अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने निगम के अधिकारियों से मांग की है कि बिल जमा और कटौती से संबंधित स्पष्ट नियम तय कर सार्वजनिक किए जाए।
क्या कहते हैं उपभोक्ता:
स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। पहले उपभोक्ता उपकेंद्र पर जाकर बिल जमा कर रसीद लेकर बिजली का उपयोग करते थे। मगर अब ऐसा नहीं हो रहा है। मामूली बकाया होने पर भी बिजली काट दी जा रही है। - रामअवध, पतेरी-करमा।
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नई व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर रहा कि कितनी बकाया राशि पर बिजली काटी जाएगी। स्मार्ट मीटर में 100 रुपये बकाया होने पर भी बिजली काट दी जा रही है, जो हम उपभोक्ताओं के साथ गलत है। - संदीप मौर्य, आसन-करमा।
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शासन की तरफ से जिला मुख्यालय पर 24, तहसील मुख्यालयों पर 20 से 22 और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है। राॅबर्ट्सगंज नगर में महज 20 से 22 घंटे ही बमुश्किल बिजली आपूर्ति हो पा रही है। इसमें भी करीब 15 बार बीच-बीच में ट्रिपिंग हो रही है। निगम की तरफ से कभी पेड़ों कटाई-छंटाई के नाम पर तो कभी मरम्मत के नाम पर कटौती भी की जा रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में सुबह आठ बजे के बाद कट रही लाइन पूरे दिन नहीं मिल रही है। रात में बिजली तो मिल रही है, मगर उसमें भी रोस्टर के नाम पर दो से तीन घंटे तक कटौती हो रही है। कुसुम्हा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में यह समस्या अक्सर बनी हुई है। कई बार की ट्रीपिंग के बाद शनिवार की रात में बिजली आपूर्ति हुई। रात में करीब 11.20 बजे बिजली गुल हो गई। रात में करीब 1.30 उपभोक्ताओं की तरफ से कुसुम्हा फीडर पर तैनात एसएसओ से रात में बिजली कटाैती किए जाने का कारण पूछा गया।
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एसएसओ का कहना था कि फीडर से रोस्टर केे अनुसार कटौती की गई है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। रात में करीब दो बजे बिजली आई। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक रात में बिजली गुल रही। यह एक दिन की समस्या नहीं बल्कि बिजली कटौती रुटीन की समस्या बन गई है। इससे उपभोक्ताओं की रात की नींद और दिन का चैन गायब हो गया है। कुसुम्हार फीडर से जुड़े लसड़ा, सिरपालपुर, धोबही, अक्छोर, बिजौली, पॉली, बेठिगांव, बेलाही, अमौली समेत अन्य गांवों में अनियमित बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।
पसही उपकेंद्र से मिल रही लो-वोल्टेज बिजली
पसही उपकेंद्र से आठ फीडर संचालित हो रहे हैं। पसही उपकेंद्र और हिंदुआरी फीडर से जुड़े क्षेत्र गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। पसही उपकेंद्र से जुड़े गांव ममुआ, बुड़हर, मानपुर, तियरा, बुड़हर खुर्द, ओरगाई, बबूरा, हिंदुआरी, पसही, बगहीं समेत 25 से अधिक गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। लो वोल्टेज की वजह से न तो मोटर संचालित हो पा रहा है और न ही कूलर, पंखा ही चल पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गर्मी में हांफने लगे ट्रांसफाॅर्मर, लगाए गए कूलर
गर्मी में ट्रांसफॉर्मर का ओवर हीटिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो और ट्रांसफॉर्मर का टेंपरेचर मेंटेन रखने के लिए कूलर लगाए जा रहे हैं। राॅबर्ट्सगंज नगर स्थित हाइडिल उपकेंद्र पर 10-10 एमवी के दो ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। दोनों ट्रांसफॉर्मर को ओवर हीटिंग से बचाने के लिए दो बड़े कूलर लगाए गए हैं। अवसर अभियंता धर्मेंद्र कुमार पटेल का कहना है कि तापमान बढ़ने की वजह से ट्रांसफॉर्मर का तापमान (टेंपरेचर) अधिक भागने लग जा रहा है। ऐसे में ट्रांसफॉर्मर को ठंड रखने के लिए कूलर लगाया गया है।
4-5 ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे, 317 रिजर्व में
छपका स्थित वर्कशाॅप करीब 317 ट्रांसफॉर्मर मरम्मत करके रिजर्व में रखे गए हैं। वर्कशॉप छपका के अवर अभियंता तरुण सिंह ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर मरम्मत के लिए प्रयोग में लाए जाने वाला तेल पर्याप्त उपलब्ध है। 18 केएल (1800 लीटर) तेल मंगलवार तक पहुंच जाएगा। जिले के तापमान में वृद्धि होने के साथ ही ट्रांसफॉर्मर भी फूंकने लगे हैं। पहले जहां एक दिन में 2 से 3 ट्रांसफॉर्मर फूंकते थे। प्रतिदिन करीब 4 से 5 ट्रांसफॉर्मर जले जा रहे हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत कराई जा रही है।
जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है। कहीं फॉल्ट होने की स्थिति में या फिर पेड़ के टहनियों की छंटाई के दौरान ही आपूर्ति बाधित रहती है। ट्रिपिंग की समस्या नगर क्षेत्र में नहीं है। ग्रामीण इलाकों में भी नियमानुसार आपूर्ति हो रही है।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीओ-रॉबर्ट्सगंज।
स्मार्ट मीटर की मनमानी कटौती से उपभोक्ता नाराज
केकराही। स्थानीय क्षेत्र के गांवों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से आ रहे बिजली बिल और बकाया राशि पर हो रही अनियमित कटौती को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम की तरफ से बिल जमा करने के स्पष्ट मानक तय न होने के कारण छोटी-छोटी बकाया राशि पर भी सप्लाई काटी जा रही है। स्मार्ट मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं को बताया गया था कि करीब 5000 तक का बकाया होने पर ही बिजली काटी जाएगी, लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। उपभोक्ताओं ने बताया कि 100, 200 या 500 जैसे मामूली बकाया पर भी तत्काल बिजली सप्लाई बंद कर दी जा रही है, जिससे उन्हें अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने निगम के अधिकारियों से मांग की है कि बिल जमा और कटौती से संबंधित स्पष्ट नियम तय कर सार्वजनिक किए जाए।
क्या कहते हैं उपभोक्ता:
स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। पहले उपभोक्ता उपकेंद्र पर जाकर बिल जमा कर रसीद लेकर बिजली का उपयोग करते थे। मगर अब ऐसा नहीं हो रहा है। मामूली बकाया होने पर भी बिजली काट दी जा रही है। - रामअवध, पतेरी-करमा।
नई व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर रहा कि कितनी बकाया राशि पर बिजली काटी जाएगी। स्मार्ट मीटर में 100 रुपये बकाया होने पर भी बिजली काट दी जा रही है, जो हम उपभोक्ताओं के साथ गलत है। - संदीप मौर्य, आसन-करमा।

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