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Sonebhadra News: उद्देश्यहीन और खोखले जीवन के लिए नशा जिम्मेदार
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की द्वितीय एवं तृतीय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में ''नशा मुक्त, विकसित भारत'' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को उद्देश्यहीन और खोखला बना देता है तथा राष्ट्र के विकास में भी बाधक है।
संगोष्ठी की विषय-स्थापना करते हुए तृतीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार पांडेय ने कहा कि युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वह विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सकारात्मक योगदान दे। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मानिकचंद पांडेय ने कहा कि नशे से लाभ की अपेक्षा नुकसान अधिक होता है। यह सामाजिक बुराई व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति में अवरोध पैदा करती है, जिससे मुक्ति दिलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशिष्ट अतिथि वेद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि देशभर में नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में द्वितीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने नशा न करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। संगोष्ठी में डॉ. ओम प्रकाश यादव, डॉ. मनिंदर कुमार डिसूजा, अभिषेक कुमार, डॉ. अविनाश कुमार दुबे, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. रागिनी श्रीवास्तव, डॉ. निशा कुमारी, डॉ. अजय लक्ष्मी, डॉ. आनंद प्रिया सिंह, डॉ. अपर्णा त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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संगोष्ठी की विषय-स्थापना करते हुए तृतीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार पांडेय ने कहा कि युवा पीढ़ी का दायित्व है कि वह विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सकारात्मक योगदान दे। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मानिकचंद पांडेय ने कहा कि नशे से लाभ की अपेक्षा नुकसान अधिक होता है। यह सामाजिक बुराई व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति में अवरोध पैदा करती है, जिससे मुक्ति दिलाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। विशिष्ट अतिथि वेद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि देशभर में नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
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कार्यक्रम के अंत में द्वितीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गौतम ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने नशा न करने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। संगोष्ठी में डॉ. ओम प्रकाश यादव, डॉ. मनिंदर कुमार डिसूजा, अभिषेक कुमार, डॉ. अविनाश कुमार दुबे, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. रागिनी श्रीवास्तव, डॉ. निशा कुमारी, डॉ. अजय लक्ष्मी, डॉ. आनंद प्रिया सिंह, डॉ. अपर्णा त्रिपाठी सहित अन्य शिक्षक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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