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Sonebhadra News: वासंतिक नवरात्र आज से, मंदिरों में सजावट पूरी
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रॉबर्ट्सगंज शीतला माता मंदिर के समीप पूजन सामग्री की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
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सोनभद्र/डाला। वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ बृहस्पतिवार से हो रहा है। इसे लेकर बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में तैयारियां चलीं। घरों से लेकर मंदिरों तक साफ-सफाई और सजावट का कार्य दिनभर चलता रहा। वहीं बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
नारियल, चुनरी, नैवेद्य, फल-फूल और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी सुबह से देर रात तक जारी रही। महिलाओं और भक्तों की भीड़ से बाजार गुलजार नजर आए। देवी मंदिरों को आकर्षक झालरों और विद्युत सजावट से सुसज्जित किया गया है। बृहस्पतिवार की भोर से ही देवी मंदिरों में आरती और पूजा-अर्चना के बाद पट खोल दिए जाएंगे, जहां मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगा। रॉबर्ट्सगंज मेन चौक के समीप स्थित प्राचीन शीतला मंदिर, साईं चौक स्थित दुर्गा मंदिर, दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातो मईया शीतला मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चोपन ब्लॉक के कुड़ारी स्थित मां कुंडवासिनी देवी धाम, मां अमिला देवी धाम में नवरात्र के प्रथम दिन से मेला लग जाएगा। इसके साथ ही जिले से सटे अमराभगवती धाम में बड़ी संख्या में भक्तगण नरवरात्र में दर्शन पूजन करने जाते हैं। उधर, डाला के बाड़ी स्थित मां वैष्णो देवी शक्तिपीठ धाम में तैयारी पूरी हो गई है। दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए वालंटियर लगाए गए हैं। अग्रवाल धर्मार्थ समिति के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि पूर्वाचल के सुप्रसिद्ध मंदिरो में सुमार माँ वैष्णो देवी शक्तिपीठ धाम की वही ख्याती है जो जम्मू कटरा स्थित मां वैष्णो देवी का है। चैत्र नवरात्र में नव दिनों तक चलने वाला दर्शनार्थियों का दर्शन पूजन को लेकर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था किया गया है। मंदिर के अन्दर व बाहर गहन निगरानी के लिए सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर कमेटी की तरफ से निजी आठ सुरक्षा गार्डो की तैनाती करने के साथ ही मंदिर कमेटी से जुड़े 15 से अधिक की संख्या में वालंटियर निगरानी करते रहेगें। नवरात्र में शुद्ध देशी घी में बना हलवा व चने का प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा। माँ वैष्णो शक्तिपीठ धाम के प्रधान पुजारी श्रीकांत तिवारी ने बताया कि पूरे नवरात्र भर मंदिर का पट सुबह पाँच बजे भोर में खोल दिया जाएगा, जो रात नौ बजे खुला रहेगा। दोपहर एक बजे मंदिर का पट दो घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा, जो तीन बजे खुलेगा। यहां दर्शन पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंचते हैं।
अव्यवस्थाओं के बीच मां ज्वाला देवी के दर्शन को उमड़ेंगे श्रद्धालु
शक्तिनगर। नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को शक्तिपीठ ज्वाला देवी के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। यहां दर्शन के लिए यूपी के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के श्रद्धालु पहुंचते हैं। परिसर में 15 दिनों तक चलने वाला मेला क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है। हालांकि इस बार अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को मेले में दुश्वारियों से जूझना पड़ सकता है।
पूर्व में यहां आने वाले दर्शनार्थियों व मेलार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत बिजली, पानी, सड़क, शौचालय एवं स्वच्छता की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करती आ रही हैं, लेकिन यह सुविधाएं बुधवार तक नदारद दिखी। भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग, दर्शनार्थियों के स्नान, बड़े व छोटे वाहनों को मेला क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए की जाने वाली बैरेकेटिंग सहित मंदिर व मेला क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखा। मंदिर के सामने व अगल बगल बने पार्किंग में एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट के तृतीय चरण विस्तार परियोजना के अंतर्गत मटेरियल यार्ड बना दिया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पहले से वाहन खड़ा करने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मेला प्रांगण में बनाए गए सुलभ शौचालय भी पानी कनेक्शन कट जाने से वह बंद पड़ा है। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं दुकानदारों को बाहर जाने की मजबूरी होगी।अनुष्ठानिक सरोवर की सफाई नहीं कराए जाने से भी श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इस अव्यवस्था के लिए मंदिर के पुजारी, स्थानीय लोग व श्रद्धालु पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन व प्रशासन के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
पहले की व्यवस्था अब के इंतजाम
पूर्व में मेला व्यवस्था के लिए मंदिर की भूमि ग्राम सभा एवं राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से नीलामी कर व्यवस्था मेला ठेकेदार को सौंपी जाती थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। वर्तमान में जिला प्रशासन मेला संचालन के समिति गठित करता है, लेकिन समिति को कोई विशेष फंड नहीं दिया जाता। हालिया गठित समिति को लेकर भी विरोध है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार एक ही व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जा रही है। इस संबंध में पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री गुप्तेश्वर सोनी ने एसडीएम दुद्धी को पत्र प्रेषित कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पावर प्रोजेक्ट व मंदिर प्रबंधन के साथ प्रशासन से मांग की गई है कि चैत्र नवरात्र मेले के दृष्टिगत शीघ्र सभी आवश्यक जन सुविधाएं बहाल की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। - हेमंत मिश्र, प्राधिकृत पुजारी-ज्वाला देवी मंदिर, शक्तिनगर।
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नारियल, चुनरी, नैवेद्य, फल-फूल और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी सुबह से देर रात तक जारी रही। महिलाओं और भक्तों की भीड़ से बाजार गुलजार नजर आए। देवी मंदिरों को आकर्षक झालरों और विद्युत सजावट से सुसज्जित किया गया है। बृहस्पतिवार की भोर से ही देवी मंदिरों में आरती और पूजा-अर्चना के बाद पट खोल दिए जाएंगे, जहां मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगा। रॉबर्ट्सगंज मेन चौक के समीप स्थित प्राचीन शीतला मंदिर, साईं चौक स्थित दुर्गा मंदिर, दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातो मईया शीतला मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चोपन ब्लॉक के कुड़ारी स्थित मां कुंडवासिनी देवी धाम, मां अमिला देवी धाम में नवरात्र के प्रथम दिन से मेला लग जाएगा। इसके साथ ही जिले से सटे अमराभगवती धाम में बड़ी संख्या में भक्तगण नरवरात्र में दर्शन पूजन करने जाते हैं। उधर, डाला के बाड़ी स्थित मां वैष्णो देवी शक्तिपीठ धाम में तैयारी पूरी हो गई है। दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए वालंटियर लगाए गए हैं। अग्रवाल धर्मार्थ समिति के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि पूर्वाचल के सुप्रसिद्ध मंदिरो में सुमार माँ वैष्णो देवी शक्तिपीठ धाम की वही ख्याती है जो जम्मू कटरा स्थित मां वैष्णो देवी का है। चैत्र नवरात्र में नव दिनों तक चलने वाला दर्शनार्थियों का दर्शन पूजन को लेकर सुरक्षा की पूरी व्यवस्था किया गया है। मंदिर के अन्दर व बाहर गहन निगरानी के लिए सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर कमेटी की तरफ से निजी आठ सुरक्षा गार्डो की तैनाती करने के साथ ही मंदिर कमेटी से जुड़े 15 से अधिक की संख्या में वालंटियर निगरानी करते रहेगें। नवरात्र में शुद्ध देशी घी में बना हलवा व चने का प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा। माँ वैष्णो शक्तिपीठ धाम के प्रधान पुजारी श्रीकांत तिवारी ने बताया कि पूरे नवरात्र भर मंदिर का पट सुबह पाँच बजे भोर में खोल दिया जाएगा, जो रात नौ बजे खुला रहेगा। दोपहर एक बजे मंदिर का पट दो घंटे के लिए बंद कर दिया जाएगा, जो तीन बजे खुलेगा। यहां दर्शन पूजन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंचते हैं।
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अव्यवस्थाओं के बीच मां ज्वाला देवी के दर्शन को उमड़ेंगे श्रद्धालु
शक्तिनगर। नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को शक्तिपीठ ज्वाला देवी के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। यहां दर्शन के लिए यूपी के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के श्रद्धालु पहुंचते हैं। परिसर में 15 दिनों तक चलने वाला मेला क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है। हालांकि इस बार अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को मेले में दुश्वारियों से जूझना पड़ सकता है।
पूर्व में यहां आने वाले दर्शनार्थियों व मेलार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत बिजली, पानी, सड़क, शौचालय एवं स्वच्छता की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करती आ रही हैं, लेकिन यह सुविधाएं बुधवार तक नदारद दिखी। भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग, दर्शनार्थियों के स्नान, बड़े व छोटे वाहनों को मेला क्षेत्र में जाने से रोकने के लिए की जाने वाली बैरेकेटिंग सहित मंदिर व मेला क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखा। मंदिर के सामने व अगल बगल बने पार्किंग में एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट के तृतीय चरण विस्तार परियोजना के अंतर्गत मटेरियल यार्ड बना दिया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को पहले से वाहन खड़ा करने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मेला प्रांगण में बनाए गए सुलभ शौचालय भी पानी कनेक्शन कट जाने से वह बंद पड़ा है। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं दुकानदारों को बाहर जाने की मजबूरी होगी।अनुष्ठानिक सरोवर की सफाई नहीं कराए जाने से भी श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इस अव्यवस्था के लिए मंदिर के पुजारी, स्थानीय लोग व श्रद्धालु पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन व प्रशासन के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
पहले की व्यवस्था अब के इंतजाम
पूर्व में मेला व्यवस्था के लिए मंदिर की भूमि ग्राम सभा एवं राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से नीलामी कर व्यवस्था मेला ठेकेदार को सौंपी जाती थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई। वर्तमान में जिला प्रशासन मेला संचालन के समिति गठित करता है, लेकिन समिति को कोई विशेष फंड नहीं दिया जाता। हालिया गठित समिति को लेकर भी विरोध है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार एक ही व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जा रही है। इस संबंध में पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री गुप्तेश्वर सोनी ने एसडीएम दुद्धी को पत्र प्रेषित कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पावर प्रोजेक्ट व मंदिर प्रबंधन के साथ प्रशासन से मांग की गई है कि चैत्र नवरात्र मेले के दृष्टिगत शीघ्र सभी आवश्यक जन सुविधाएं बहाल की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। - हेमंत मिश्र, प्राधिकृत पुजारी-ज्वाला देवी मंदिर, शक्तिनगर।