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Sultanpur News: सुल्तानपुर में 40,826 महिलाएं बनीं लखपति
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:52 PM IST
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सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर जिले में 40,826 महिलाएं लखपति बन गई हैं। इन महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है। विभाग की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है। अब शासन से मिले नए लक्ष्य के अनुसार, विभाग 23 हजार और महिलाओं को लखपति बनाने की दिशा में जुटा हुआ है।
मिशन के अंतर्गत जिले में 14 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। लगभग डेढ़ लाख महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ी हुई हैं। जिला मिशन प्रबंधक आशीष कुमार ने बताया कि चयनित महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने के अवसर प्रदान किए गए हैं।
विविध स्वरोजगारों से बढ़ी आय
महिलाओं को समूह सखी, बीसी सखी, विद्युत, बैंक, स्वास्थ्य, उद्यम, सूक्ष्म उद्योग, आजीविका सखी जैसे विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार कराया जा रहा है। इन स्वरोजगारों के माध्यम से 40,826 महिलाओं ने अपनी आय को एक लाख रुपये प्रति वर्ष से ऊपर पहुंचाया है।
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
जिला मिशन प्रबंधक ने यह भी बताया कि वर्तमान में 23 हजार ऐसी महिलाओं की पहचान की गई है, जिनकी आय की समीक्षा की जा रही है और उन्हें लखपति बनाने के प्रयास जारी हैं। इन महिलाओं की आय में वृद्धि के बाद, और अधिक महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
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मिशन के अंतर्गत जिले में 14 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। लगभग डेढ़ लाख महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ी हुई हैं। जिला मिशन प्रबंधक आशीष कुमार ने बताया कि चयनित महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने के अवसर प्रदान किए गए हैं।
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विविध स्वरोजगारों से बढ़ी आय
महिलाओं को समूह सखी, बीसी सखी, विद्युत, बैंक, स्वास्थ्य, उद्यम, सूक्ष्म उद्योग, आजीविका सखी जैसे विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार कराया जा रहा है। इन स्वरोजगारों के माध्यम से 40,826 महिलाओं ने अपनी आय को एक लाख रुपये प्रति वर्ष से ऊपर पहुंचाया है।
भविष्य की योजनाएं और लक्ष्य
जिला मिशन प्रबंधक ने यह भी बताया कि वर्तमान में 23 हजार ऐसी महिलाओं की पहचान की गई है, जिनकी आय की समीक्षा की जा रही है और उन्हें लखपति बनाने के प्रयास जारी हैं। इन महिलाओं की आय में वृद्धि के बाद, और अधिक महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
