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Sultanpur News: मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट ठप, हांफे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:22 AM IST
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मेडिकल काॅलेज में लिफ्ट बंद होने के बाद सीढ़ी से आते-जाते मरीज व तीमारदार। संवाद
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सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में शुक्रवार सुबह नौ बजे मरीजों के लिए लगी दोनों लिफ्ट अचानक खराब हो गईं। अचानक हुई इस समस्या से भवन के ऊपरी तलों पर संचालित ओपीडी और भर्ती वार्डों में आने-जाने वाले मरीज व तीमारदार हांफ उठे। मजबूरी में लोग सीढ़ियों के सहारे चढ़कर इलाज कराने पहुंचे, जिससे खासकर बुजुर्ग, सांस व हृदय रोगी बेहद परेशान दिखे।
मेडिकल कॉलेज की इस बिल्डिंग में भूतल से पांचवें तल तक आवागमन के लिए दो स्थानों पर दो-दो लिफ्टें लगी हैं। इनमें एक लिफ्ट मरीजों के लिए और दूसरी स्टाफ के उपयोग के लिए हैं। शुक्रवार को मरीजों के लिए लगी लिफ्ट खराब होने से ऊपरी तलों पर स्थित आईसीयू, नेत्र विभाग, फिजिशियन कक्ष और भर्ती वार्डों तक पहुंचना कठिन हो गया। यह स्थिति दिनभर बनी रही। बताया गया है कि बीते दिसंबर माह में भी लिफ्ट दो बार खराब हो चुकी है।
सीढि़यां चढ़ने से फूलने लगी सांसें
इलाज कराने पहुंचे सांस रोगी राम कृपाल ने बताया कि ओपीडी में दिखाने के साथ ऊपर भर्ती परिजन से भी मिलना था, लेकिन लिफ्ट न चलने से सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलने लगी। नेत्र विभाग में इलाज कराने आए राम बहाल ने बताया कि कई बार ऊपर-नीचे जाने में पैरों में तेज दर्द होने लगा है। फिजिशियन से इलाज कराकर नीचे उतर रहे रामकुमार ने बताया कि डॉक्टर ने दवा दिखाने के लिए दोबारा आने को कहा है, लेकिन एक बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में ही हालत खराब हो गई, ऐसे में डॉक्टर तक फिर से पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
लिफ्ट खराब होने से मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई मरीज ऐसे भी थे, जिन्हें सहारे के बिना चलना मुश्किल होता है। उनके लिए सीढ़ियों से आना-जाना जोखिम भरा साबित हुआ। अस्पताल परिसर में इस अव्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
तकनीकी टीम को बुलाया गया
लिफ्ट खराब होने की सूचना संबंधित फर्म को दे दी गई है। तकनीकी टीम को बुलाया गया है और जल्द ही मरम्मत कराकर लिफ्ट का संचालन शुरू करा दिया जाएगा, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।-डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
निर्बाध लिफ्ट संचालन के लिए सुझाव
- लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए।
-वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्ट्रेचर व व्हीलचेयर की संख्या बढ़ाई जाए।
-लिफ्ट खराब होने की स्थिति में स्टाफ के लिए आरक्षित लिफ्ट मरीजों के लिए अस्थायी रूप से खोली जाए।
-शिकायत के त्वरित निस्तारण के लिए स्थायी मेंटेनेंस टीम तैनात की जाए।
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मेडिकल कॉलेज की इस बिल्डिंग में भूतल से पांचवें तल तक आवागमन के लिए दो स्थानों पर दो-दो लिफ्टें लगी हैं। इनमें एक लिफ्ट मरीजों के लिए और दूसरी स्टाफ के उपयोग के लिए हैं। शुक्रवार को मरीजों के लिए लगी लिफ्ट खराब होने से ऊपरी तलों पर स्थित आईसीयू, नेत्र विभाग, फिजिशियन कक्ष और भर्ती वार्डों तक पहुंचना कठिन हो गया। यह स्थिति दिनभर बनी रही। बताया गया है कि बीते दिसंबर माह में भी लिफ्ट दो बार खराब हो चुकी है।
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सीढि़यां चढ़ने से फूलने लगी सांसें
इलाज कराने पहुंचे सांस रोगी राम कृपाल ने बताया कि ओपीडी में दिखाने के साथ ऊपर भर्ती परिजन से भी मिलना था, लेकिन लिफ्ट न चलने से सीढ़ियां चढ़ने में सांस फूलने लगी। नेत्र विभाग में इलाज कराने आए राम बहाल ने बताया कि कई बार ऊपर-नीचे जाने में पैरों में तेज दर्द होने लगा है। फिजिशियन से इलाज कराकर नीचे उतर रहे रामकुमार ने बताया कि डॉक्टर ने दवा दिखाने के लिए दोबारा आने को कहा है, लेकिन एक बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में ही हालत खराब हो गई, ऐसे में डॉक्टर तक फिर से पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
लिफ्ट खराब होने से मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई मरीज ऐसे भी थे, जिन्हें सहारे के बिना चलना मुश्किल होता है। उनके लिए सीढ़ियों से आना-जाना जोखिम भरा साबित हुआ। अस्पताल परिसर में इस अव्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
तकनीकी टीम को बुलाया गया
लिफ्ट खराब होने की सूचना संबंधित फर्म को दे दी गई है। तकनीकी टीम को बुलाया गया है और जल्द ही मरम्मत कराकर लिफ्ट का संचालन शुरू करा दिया जाएगा, जिससे मरीजों को राहत मिल सके।-डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
निर्बाध लिफ्ट संचालन के लिए सुझाव
- लिफ्ट की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए।
-वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्ट्रेचर व व्हीलचेयर की संख्या बढ़ाई जाए।
-लिफ्ट खराब होने की स्थिति में स्टाफ के लिए आरक्षित लिफ्ट मरीजों के लिए अस्थायी रूप से खोली जाए।
-शिकायत के त्वरित निस्तारण के लिए स्थायी मेंटेनेंस टीम तैनात की जाए।
