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Sultanpur News: स्कूल चलो अभियान 25 मार्च से, घर-घर पहुंचेंगे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:52 PM IST
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सुल्तानपुर। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग 25 मार्च से स्कूल चलो अभियान शुरू करेगा। वार्षिक परीक्षा और परिणाम वितरण के बाद प्रधानाध्यापक व शिक्षक घर-घर पहुंचकर अभिभावकों को बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित करेंगे।
अभियान के दौरान अभिभावकों को परिषदीय विद्यालयों में मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), कायाकल्प योजना के तहत विकसित स्कूल भवन, खेल सामग्री और मिड-डे-मील की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। ताकि सत्र शुरू होते ही अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित हो सके। पिछले सत्र में नामांकन लक्ष्य के अनुरूप नहीं बढ़ सका था।
वर्ष 2025-26 में स्कूल चलो अभियान दो चरणों अप्रैल और जुलाई में चलाया गया था, इसके बावजूद स्कूलों में बच्चों के नामांकन की संख्या करीब 2.25 लाख तक ही पहुंच सकी थी। जबकि शैक्षिक सत्र 2024-25 में यह संख्या 2.50 लाख थी। नामांकन में कमी के चलते 50 से कम छात्र संख्या वाले कई विद्यालयों का मर्जर भी करना पड़ा था। इस बार ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए विभाग ने अभी से रणनीति तैयार कर, उस पर अमल करना शुरू कर दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान की नियमित निगरानी जिला स्तर से की जाएगी।
अप्रैल में निकलेगी स्कूल चलो रैली
स्कूल चलो अभियान की शुरुआत 25 मार्च से होगी। इसके लिए जागरूकता रैली अप्रैल में निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से गांव-गांव और मोहल्लों में अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया जाएगा। इसके बाद सभी परिषदीय विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर दिखेंगी स्कूल की सुविधाएं
अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना पेज बनाना होगा। इस पेज पर स्कूल भवन, खेल मैदान, खेल सामग्री, मिड-डे-मील, छात्र सुविधाएं और अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के सहयोग से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने का प्रयास किया जाएगा।
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अभियान के दौरान अभिभावकों को परिषदीय विद्यालयों में मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), कायाकल्प योजना के तहत विकसित स्कूल भवन, खेल सामग्री और मिड-डे-मील की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। ताकि सत्र शुरू होते ही अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित हो सके। पिछले सत्र में नामांकन लक्ष्य के अनुरूप नहीं बढ़ सका था।
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वर्ष 2025-26 में स्कूल चलो अभियान दो चरणों अप्रैल और जुलाई में चलाया गया था, इसके बावजूद स्कूलों में बच्चों के नामांकन की संख्या करीब 2.25 लाख तक ही पहुंच सकी थी। जबकि शैक्षिक सत्र 2024-25 में यह संख्या 2.50 लाख थी। नामांकन में कमी के चलते 50 से कम छात्र संख्या वाले कई विद्यालयों का मर्जर भी करना पड़ा था। इस बार ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए विभाग ने अभी से रणनीति तैयार कर, उस पर अमल करना शुरू कर दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान की नियमित निगरानी जिला स्तर से की जाएगी।
अप्रैल में निकलेगी स्कूल चलो रैली
स्कूल चलो अभियान की शुरुआत 25 मार्च से होगी। इसके लिए जागरूकता रैली अप्रैल में निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से गांव-गांव और मोहल्लों में अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया जाएगा। इसके बाद सभी परिषदीय विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर दिखेंगी स्कूल की सुविधाएं
अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना पेज बनाना होगा। इस पेज पर स्कूल भवन, खेल मैदान, खेल सामग्री, मिड-डे-मील, छात्र सुविधाएं और अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के सहयोग से अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने का प्रयास किया जाएगा।
