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Unnao News: फर्जी जमानत गिरोह का पर्दाफाश, दो जालसाज गिरफ्तार
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फोटो-4-सदर कोतवाली में खड़े जालसाज सोहेल व रंजीत। स्रोत: पुलिस
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उन्नाव। सदर कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपराधियों की जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अधिकारियों की आठ फर्जी मुहरें और 11 आधार कार्ड सहित कई नकली दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि यह गिरोह फर्जी निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों की जमानतें कराता था। मामला तब सामने आया जब 30 मार्च को अचलगंज थाना के रिठनई गांव निवासी संजय कुमार ने तहरीर दी। बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में कुछ लोगों ने उसके और चाचा राजकुमार के नाम से फर्जी अभिलेख लगाकर जेल में बंद शातिर अपराधी गुफरान की जमानत ली है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जालसाजों की तलाश शुरू की।
जांच में पता चला कि सोहेल ने गुफरान की जमानत का जिम्मा लिया और उसके पिता से 20 हजार रुपये लिए। सोहेल ने साथी रंजीत की मदद से संजय और राजकुमार के फर्जी आधारकार्ड, निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार की। इन्हीं दस्तावेजों को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल कर गुफरान की जमानत ली। 31 मार्च को पुलिस ने गुफरान और सोहेल को कांशीराम कॉलोनी मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि सोहेल के पास से आठ नकली मुहरें, 11 आधार कार्ड और एक इंक पैड बरामद हुआ है। सोहेल और रंजीत कई अन्य मुकदमों में भी इसी तरह फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इन दस्तावेजों से अपराधियों की जमानत लेते थे। पहले से दर्ज धोखाधड़ी के मामले में अब जालसाजी, आधिकारिक दस्तावेजों की जालसाजी, नकली दस्तावेज और आपराधिक साजिश की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
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पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि यह गिरोह फर्जी निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों की जमानतें कराता था। मामला तब सामने आया जब 30 मार्च को अचलगंज थाना के रिठनई गांव निवासी संजय कुमार ने तहरीर दी। बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में कुछ लोगों ने उसके और चाचा राजकुमार के नाम से फर्जी अभिलेख लगाकर जेल में बंद शातिर अपराधी गुफरान की जमानत ली है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जालसाजों की तलाश शुरू की।
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जांच में पता चला कि सोहेल ने गुफरान की जमानत का जिम्मा लिया और उसके पिता से 20 हजार रुपये लिए। सोहेल ने साथी रंजीत की मदद से संजय और राजकुमार के फर्जी आधारकार्ड, निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार की। इन्हीं दस्तावेजों को नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल कर गुफरान की जमानत ली। 31 मार्च को पुलिस ने गुफरान और सोहेल को कांशीराम कॉलोनी मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि सोहेल के पास से आठ नकली मुहरें, 11 आधार कार्ड और एक इंक पैड बरामद हुआ है। सोहेल और रंजीत कई अन्य मुकदमों में भी इसी तरह फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इन दस्तावेजों से अपराधियों की जमानत लेते थे। पहले से दर्ज धोखाधड़ी के मामले में अब जालसाजी, आधिकारिक दस्तावेजों की जालसाजी, नकली दस्तावेज और आपराधिक साजिश की धाराएं बढ़ाई गई हैं।