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Unnao News: गंगा स्नान से पहले जाम और अव्यवस्थाओं से जूझे श्रद्धालु
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फोटो-8-परियर तट जाने वाले मार्ग पर लगे जाम में फंसे श्रद्धालु। संवाद
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उन्नाव। जिसका अंदेशा था, वहीं हुआ। प्रशासनिक बदइंतजामी से गुरु पूर्णिमा (आषाढ़ी) पर्व पर परियर गंगातट पर स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को दोहरी अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। स्नान से पहले रास्ते में जाम और दूसरी ओर गंगा तट पर अव्यवस्थाओं से परेशान होना पड़ा। संकरा रास्ता होने से चार घंटे जाम में फंसकर श्रद्धालु बेहाल हो गए। तट पर पहुंचने पर न छाया के इंतजाम मिले और न ही मोबाइल टॉयलेट।
परियर घाट पर गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए दूर-दराज से तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। दिन चढ़ते ही भीड़ बढ़ने लगी। सफीपुर से परियर रोड पर श्रद्धालुओं के वाहनों से रेला पहुंचा तो मात्र तीन मीटर चौड़े रास्ता पर यातायात बाधित होने लगा। जल्द निकलने के चक्कर में कुछ वाहन आड़े-तिरछे फंस गए। इसके चलते सुबह सात बजे जाम लग गया। देखते ही देखते जाम चार किलोमीटर तक पहुंच गया। जाम में फंसकर श्रद्धालु बेहाल हो गए। धीरे-धीरे जाम घाट तक जाने वाले रास्ते परियर से बिठूर पुल वाले रास्ते, मरौंदा से देवीपुरवा व परियर मुख्य मार्ग तक पहुंच गया।
पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने का प्रयास शुरू किया लेकिन भीड़ अधिक होने से जाम खुलने में चार घंटे लग गए। पूर्वाह्न 11 बजे के करीब जाम खुला तब श्रद्धालु घाट पर पहुंचे। बताया जाता है कि रास्ते में पुलिया निर्माण व सड़क का काम अधूरा शत प्रतिशत पूरा होने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इसके बाद श्रद्धालु जब घाट पर पहुंचे तो जगह-जगह गंदगी फैली थी। मोबाइल टॉयलेट, पानी, छाया, चिकित्सा दल और कपड़े बदलने जैसी मुख्य व्यवस्थाएं तक घाट पर नहीं की गई थीं। इससे घाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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इंसेट-1
हर, हर गंगे के उद्घोष से गूंजे गंगातट
बांगरमऊ/पाटन/परियर। गुरु पूर्णिमा पर नानामऊ, बक्सर व परियर तट दिनभर हर, हर गंगे के उद्घोष से गूंजते रहे। सभी तटों पर भोर चार बजे से ही स्नान शुरू हो गया था। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने पत्नी, बच्चों के साथ नानामऊ गंगा तट पर स्नान किया। सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली प्रभारी अखिलेश चंद्र पांडे मौजूद रहे। बक्सर के मां चंद्रिका देवी तट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और मां के दर्शन किए।
पड़ोसी जनपद रायबरेली, फतेहपुर, लखनऊ व कानपुर से भी लोग स्नान के लिए पहुंचे थे। वापसी में परिसर में लगे मेले में खरीदारी भी की। उप जिलाधिकारी बीघापुर आनंद कुमार नायक व क्षेत्राधिकारी मधुपनाथ मिश्रा सुरक्षा का जायजा लेते रहे। परियर तट पर अव्यवस्थाओं के बावजूद 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अमूमन स्नान के दिनों में तट पर आने वाले लोगों की संख्या पांच से छह हजार के आसपास होती थी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तट पर ही सत्यनारायण कथा सुनी और दान दक्षिणा दी। वापसी में बलखंडेश्वर, जानकीकुंड में दर्शन किए।
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परियर घाट पर गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए दूर-दराज से तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। दिन चढ़ते ही भीड़ बढ़ने लगी। सफीपुर से परियर रोड पर श्रद्धालुओं के वाहनों से रेला पहुंचा तो मात्र तीन मीटर चौड़े रास्ता पर यातायात बाधित होने लगा। जल्द निकलने के चक्कर में कुछ वाहन आड़े-तिरछे फंस गए। इसके चलते सुबह सात बजे जाम लग गया। देखते ही देखते जाम चार किलोमीटर तक पहुंच गया। जाम में फंसकर श्रद्धालु बेहाल हो गए। धीरे-धीरे जाम घाट तक जाने वाले रास्ते परियर से बिठूर पुल वाले रास्ते, मरौंदा से देवीपुरवा व परियर मुख्य मार्ग तक पहुंच गया।
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पुलिस कर्मियों ने जाम खुलवाने का प्रयास शुरू किया लेकिन भीड़ अधिक होने से जाम खुलने में चार घंटे लग गए। पूर्वाह्न 11 बजे के करीब जाम खुला तब श्रद्धालु घाट पर पहुंचे। बताया जाता है कि रास्ते में पुलिया निर्माण व सड़क का काम अधूरा शत प्रतिशत पूरा होने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इसके बाद श्रद्धालु जब घाट पर पहुंचे तो जगह-जगह गंदगी फैली थी। मोबाइल टॉयलेट, पानी, छाया, चिकित्सा दल और कपड़े बदलने जैसी मुख्य व्यवस्थाएं तक घाट पर नहीं की गई थीं। इससे घाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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हर, हर गंगे के उद्घोष से गूंजे गंगातट
बांगरमऊ/पाटन/परियर। गुरु पूर्णिमा पर नानामऊ, बक्सर व परियर तट दिनभर हर, हर गंगे के उद्घोष से गूंजते रहे। सभी तटों पर भोर चार बजे से ही स्नान शुरू हो गया था। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने पत्नी, बच्चों के साथ नानामऊ गंगा तट पर स्नान किया। सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली प्रभारी अखिलेश चंद्र पांडे मौजूद रहे। बक्सर के मां चंद्रिका देवी तट पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और मां के दर्शन किए।
पड़ोसी जनपद रायबरेली, फतेहपुर, लखनऊ व कानपुर से भी लोग स्नान के लिए पहुंचे थे। वापसी में परिसर में लगे मेले में खरीदारी भी की। उप जिलाधिकारी बीघापुर आनंद कुमार नायक व क्षेत्राधिकारी मधुपनाथ मिश्रा सुरक्षा का जायजा लेते रहे। परियर तट पर अव्यवस्थाओं के बावजूद 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अमूमन स्नान के दिनों में तट पर आने वाले लोगों की संख्या पांच से छह हजार के आसपास होती थी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तट पर ही सत्यनारायण कथा सुनी और दान दक्षिणा दी। वापसी में बलखंडेश्वर, जानकीकुंड में दर्शन किए।