UP: तीन राज्यों के 250 बेरोजगारों से 50 लाख ठगे, 500 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी की साजिश; नेटवर्क का जाल
Varanasi News: पूर्वांचल में फैले मल्टीलेवल मार्केटिंग नेटवर्क पर तीन राज्यों के 250 बेरोजगारों से करीब 50 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। जांच में 500 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की साजिश सामने आई है। पुलिस के अनुसार नेटवर्क की एक करोड़ रुपये से अधिक की बिलिंग हुई थी और मामले की जांच जारी है।
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Cyber Crime: मल्टीलेवल मार्केटिंग नेटवर्किंग का जाल पूर्वांचल भर में फैला है। इस नेटवर्किंग की मदद से सारनाथ में दो और रोहनिया में एक कॉल सेंटर खोलकर अब तक 500 से ज्यादा लोगों से ठगी की गई।
जून में भी 500 लोगों को कंपनी से जोड़ने की तैयारी थी और इसके जरिये डेढ़ करोड़ रुपये ठगी करने की योजना बनाई गई थी। मंगलवार को कॉल सेंटर की आड़ में ठगी करने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के दौरान इसका खुलासा हुआ। साइबर क्राइम और सारनाथ पुलिस अब सेंटर चलाने वाले आजमगढ़ निवासी सरगना इंद्रजीत की तलाश में है। प्रतापगढ़, आजमगढ़, जौनपुर में भी प्राथमिकी दर्ज है।
बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के 250 बेरोजगारों को इस मल्टीलेवल मार्केटिंग नेटवर्किंग से जोड़ा गया था। इन युवक-युवतियों से भी नौकरी के नाम पर 25-30 हजार रुपये लिए गए थे। इस तरह करीब इन बेरोजगारों से 50 लाख रुपये की ठगी की गई। इन सभी से रुपये नकदी में लिए गए ताकि टैक्स और बाद में कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सके।
सारनाथ के नई बाजार और दामोदपुर स्थित स्वास्तिक एसोसिएट और रायल हेल्थ इंडिया की फ्रेंचायजी के बहाने बिहार और झारखंड के बेरोजगार युवक और युवतियों से कंपनी से जोड़कर कंपनी के विभिन्न उत्पाद बेचने के गुर सिखाए गए।
पिछले दो महीने से संचालित इस कंपनी में सुबह 6 बजे से 7 बजे तक एक घंटे की ट्रेनिंग दी जाती थी। कंपनी से जुड़ने वाले ये युवक-युवतियां इस नेटवर्क से अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी जोड़ रहे थे। सारनाथ पुलिस के अनुसार छानबीन के दौरान कंपनी के कार्यालय से एक करोड़ तक की बिलिंग सामने आईं।
यह भी मालूम चला कि पकड़े जाने के भय से कंपनी में स्थानीय लोगों को नहीं जोड़ा गया। सभी बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के बेरोजगारों को जोड़ा गया ताकि वे कहीं शिकायत न कर सकें। पुलिस के मुताबिक, सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच ट्रेनिंग और उसके बाद उन्हें कंपनी के विभिन्न उत्पाद देकर डोर-टू-डोर बिक्री करने और प्लान समझाते हुए नेटवर्किंग कंपनी में जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था।
सुबह के समय अचानक से 200 से 300 लोगों को रोजाना इन सेंटर से निकलते देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ गड़बड़ चल रहा है। इस बीच पुलिस ने जब तस्दीक कराई और सेंटर पर पहुंची तो बेरोजगारों ने खुद पूरी कहानी बयां कर दी। हर युवक से 20 से 30 हजार रुपये लिए जाते थे। एक मुश्त रकम नहीं देने वालों को तीन से चार हजार रुपये मासिक किस्त के आधार पर भी जोड़ा गया था।
बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फ्लैट का दिखाया सपना
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि बेरोजगारों को नेटवर्किंग के जरिये अपने नीचे दो लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। सेमिनार के बहाने बेरोजगारों को टारगेट पूरा करने पर बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फ्लैट का भी सपना दिखाया जाता था।
रिश्तेदारों को जोड़ा, अब रुपये लौटाने की चिंता
नेटवर्किंग में युवक, युवतियों ने अपने सगे संबंधियों से 20 से 30 हजार रुपये लेकर कंपनी में जोड़ा। अब उन्हें रकम डूबने की चिंता सता रही है। एक युवक ने पुलिस को बताया कि वह कर्ज लेकर नेटवर्किंग कंपनी में जुड़ा कि कमाई होने पर कर्ज लौटा देगा। एक युवक ने 6 लोगों को अपने पैसे पर जोड़ा है।
नेटवर्किंग चेन से जुड़े लोगों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यह पूरा काम नकदी पर संचालित होता था। कंपनी पर अन्य जिलों में भी प्राथमिकी दर्ज है। हर जिले से ब्यौरा जुटाया जा रहा है। आजमगढ़ के मेहनाजपुर निवासी सरगना इंद्रजीत की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी जा रही है। - विदुष सक्सेना, एसीपी सारनाथ