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वाराणसीः बाबा बटुक भैरव का हुआ वार्षिक हरियाली श्रृंगार, महादेव के बालरूप का दर्शन कर भक्त हुए निहाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 29 Aug 2021 12:36 PM IST
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सार
मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिला। मंदिर के बाहर गुफा रूपी मार्ग बनाया गया। जहां पक्षी, सांप आदि मानसरोवर की जीवन्तता का एहसास करा रहे थे।
बाबा बटुक भैरव का वार्षिक हरियाली श्रृंगार,
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के कमच्छा स्थित प्राचीन बटुक भैरव मंदिर में रविवार को बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। सुबह पांच बजे मंगला आरती के साथ पूरे विधि-विधान से बाबा का पूजन किया गया। उसके बाद से दर्शन के लिए कपाट खोले गए। सुबह से ही भक्त महादेव के बालरूप की एक झलक पाने के लिए घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
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मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिला। मंदिर के बाहर गुफा रूपी मार्ग बनाया गया। जहां पक्षी, सांप आदि मानसरोवर की जीवन्तता का एहसास करा रहे थे। कैलाश पर्वत रूपी गुफा के मुख्य द्वार पर महात्मा बुद्ध के अलौकिक दर्शन का श्रद्धालुओं ने आनंद लिया।
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महंत राकेश पुरी के अनुसार हर साल की तरह हरियाली श्रृंगार के साथ जल विहार की झांकी सजाई गई। सुबह पांच बजे ही मंदिर के कपाट खोल दिये गए और दर्शन का दौर शुरू हो गया। सबसे पहले बाबा का पंचामृत स्नान के बाद मंगला आरती हुई। इस दौरान 51 भक्तों द्वारा डमरू बजाया गया।
इस बार कोविड प्रोटोकॉल के कारण संगीत-भजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। शास्त्रों के मुताबिक, महादेव के बालरूप में बाबा बटुक भैरव कमच्छा स्थित मंदिर में विराजमान हैं। प्रतिवर्ष यहां वार्षिक हरियाली श्रृंगार का कार्यक्रम आयोजित होता है। काशी के लोगों को आज के दिन का इंतजार रहता है।
