{"_id":"6a7ee7a7f752a8e265050d34","slug":"bail-rejected-for-woman-accused-in-7-crore-gold-smuggling-case-in-varanasi-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: सात करोड़ के सोने की तस्करी में आरोपी महिला की जमानत खारिज, कोर्ट ने आदेश में कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: सात करोड़ के सोने की तस्करी में आरोपी महिला की जमानत खारिज, कोर्ट ने आदेश में कही ये बात
Fri, 14 Aug 2026 03:32 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 14 Aug 2026 03:32 PM IST
सार
Varanasi News: आदेश में कहा गया कि आर्थिक अपराध राष्ट्र की वित्तीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से ऊपर वरीयता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
court
- फोटो : adobestock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में सात करोड़ की सोना तस्करी के मामले में अदालत ने आरोपी महिला मधु देवी वर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रज्ञा सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और विवेचना जारी है।
विज्ञापन
आदेश में कहा गया कि आर्थिक अपराध राष्ट्र की वित्तीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वतंत्रता से ऊपर वरीयता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर अदालत ने मधु देवी वर्मा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मधु देवी वर्मा को दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर ब्रह्मपुत्र मेल से हिरासत में लिया गया था। तलाशी में 7 करोड़ का सोना बरामद हुआ था। सोने के संबंध में मां काली गोल्ड स्मिथ और बीके गोल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बिल मिले थे। सोना दिल्ली ले जाया जा रहा था।
विज्ञापन
आरोपी की ओर से कहा गया कि वह अपने नियोक्ता फर्म के लिए वैध तरीके से सोने की डिलीवरी लेकर जा रही थी। उसके पास जीएसटी बिल समेत सभी जरूरी दस्तावेज थे। आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने उसके वैध दस्तावेज फाड़ दिए और उसे गलत तरीके से तस्करी के मामले में फंसा दिया।
आरोपी महिला ने यह भी कहा कि वह कभी बांग्लादेश नहीं गई। अदालत ने मामले की गंभीरता और विवेचना जारी होने को देख जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाया।