कारोबारी हत्याकांड: हत्यारोपी की टूटी शादी, गांव में लटका ताला; मनीष ने 70 परिवारों को दिया था रोजगार
Varanasi News: पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से अधिकांश लोग घरों में ताले लगाकर भाग निकले हैं। गांव में केवल कुछ बुजुर्ग महिलाएं बची हैं, जो पशुओं की देखभाल करने का प्रयास कर रही हैं। आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है।
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Varanasi News: पिंडरा थाना क्षेत्र के भरथरा गांव में कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस हत्याकांड में नामजद आरोपी मनीष राजभर की शादी टूट गई है। लड़की पक्ष ने साफ तौर पर कहा कि वे हत्यारोपी से अपनी बेटी का विवाह नहीं कर सकते। उल्लेखनीय है कि मनीष राजभर की शादी एक मई को तय थी।
दूसरी ओर, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हैं और उनकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह के अनुसार पांच प्रमुख आरोपियों—आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर और नागेंद्र राजभर—की तलाश जारी है। इन सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस ने की कार्रवाई
हत्या के बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया है। खासकर राजभर बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस कार्रवाई के डर से अधिकांश लोग अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए हैं। गांव में केवल कुछ बुजुर्ग महिलाएं ही बची हैं, जो पशुओं की देखभाल कर रही हैं।
मृतक के चाचा अरुण सिंह ने बताया कि मनीष सिंह गांव के विकास में सक्रिय थे। उन्होंने करीब 70 परिवारों को दोना-पत्तल बनाने की मशीनें लगवाकर स्वरोजगार से जोड़ा था। उनके कारखाने में 17-18 लोग काम करते थे, जिनमें सात दिव्यांग भी शामिल हैं। उनकी हत्या से गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
इधर, मनीष सिंह के परिजनों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बृहस्पतिवार को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ‘लक्कड़’ के नेतृत्व में जा रहे कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप धरना दिया। काफी देर बाद पुलिस ने कुछ सदस्यों को पैदल जाने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
