UP News: सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ वाराणसी में तहरीर, ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का आरोप; कार्रवाई की मांग
सारनाथ क्षेत्र के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस आयुक्त को तहरीर दी है। आरोप है कि 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को बीच में रोकने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने वीडियो फुटेज के आधार पर मुकदमे की मांग की है।
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Varanasi News: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का आरोप लगाते हुए वाराणसी में पुलिस आयुक्त को तहरीर दी गई है। सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी और पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने 16 अगस्त को पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र देकर सोनिया गांधी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप के समर्थन में वीडियो फुटेज भी साक्ष्य के रूप में देने की बात कही है।
प्रार्थनापत्र में नागेश्वर मिश्र ने कहा है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को बीच में रोकने का कथित प्रयास किया गया। उनका आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की भूमिका रही, जिससे उनकी राष्ट्रीय भावना आहत हुई है।
नागेश्वर मिश्र ने पुलिस आयुक्त से मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने प्रार्थनापत्र की एक प्रति सारनाथ थाने के प्रभारी निरीक्षक को भी दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्र के सम्मान से जुड़े विषयों को राजनीतिक नजरिये से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए।
सोनिया गांधी के खिलाफ दी गई इस शिकायत ने वाराणसी में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से अक्सर कांग्रेस पर राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से इस तरह के आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती रही है। ऐसे में वाराणसी से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दिए जाने को स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से वीडियो फुटेज की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए गए वीडियो साक्ष्य की जांच करेगी। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है या नहीं।