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देश का पहला ऐसा मामला: शिव पार्वती विवाह पर दिया गलत जवाब, मेटा एआई को कोर्ट में खींचा, 16 को होगी सुनवाई

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 12 Mar 2026 05:34 AM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक समाजसेवी ने शिव पार्वती विवाह पर गलत जवाब देने पर मेटा एआई को कोर्ट तक खींच लिया। 

Complaint filed in court against Meta AI for giving wrong answer on Shiva Parvati marriage in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
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विस्तार

वाराणसी जिले के सारनाथ तिलमापुर के समाजसेवी नागेश्वर मिश्र ने अमेरिकी सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म मेटा एआई के खिलाफ अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में प्रकीर्ण वाद दाखिल किया है। अदालत ने सारनाथ थाने से रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि ये देश का पहला मामला है जिसे अदालत तक लाया गया। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में एक मामला मेटा से जुड़ा पहुंचा था जिसमें गोपनीयता भंग करने का आरोप लगा था।

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क्या है पूरा मामला
नागेश्वर मिश्र का कहना है कि मेटा एआई स्वयं को ऐसा मंच बताता है जिसके पास दुनिया की हर जानकारी है। उन्होंने एआई से कुछ सवाल पूछे, लेकिन उन्हें गलत जानकारी मिली। इस पर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दी गई जानकारी गलत है और इस पर मुकदमा भी किया जा सकता है।
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वाद में उल्लेख है कि इस पर मेटा एआई की ओर से माफी मांगते हुए गलती सुधारने और आगे सही जानकारी देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन दोबारा प्रश्न पूछने पर फिर से गलत जानकारी दी गई। क्षुब्ध होकर अदालत में धारा 173 (4) के तहत प्रकीर्ण वाद दाखिल कर दिया।

मेटा एआई से पूछा शिव पार्वती का विवाह कब हुआ

सवाल- नागेश्वर मिश्रा ने पूछा कि शिव जी का विवाह किस महीने में हुआ है? मेटा का जवाब- शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में हुआ था। कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है और इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह दिन भगवान शिव की पूजा और उपासना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

नागेश्वर मिश्रा ने कहा, यह जानकारी गलत है क्यों न मेटा एआई पर मुकदमा किया जाए
मेटा-
मैं अपनी गलती के लिए माफी चाहता हूं। शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में नहीं हुआ था, बल्कि महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, जो फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को नहीं, बल्कि माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। लेकिन विवाह की तिथि के बारे में विभिन्न मत हैं और कुछ स्रोतों के अनुसार, शिव जी का विवाह वैशाख महीने में हुआ था।
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