कफ सिरप: लखनऊ में एक करोड़ से अधिक की संपत्ति, जब्ती की तैयारी; तस्करों के बीच की कड़ी था मुख्य आरोपी विकास
Cough Syrup: कफ सिरप मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। मुख्य आरोपी विकास सिंह नरवे जेल में है। वहीं, किंगपिन शुभम जायसवाल की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
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Azamgarh News: कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी विकास सिंह नरवे को पुलिस ने जेल भेज दिया है। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस को पता चला है कि आरोपी के नाम लखनऊ में एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जिसे जब्त करने की तैयारी की जा रही है।
बरदह थाना क्षेत्र के नरवे गांव निवासी विकास सिंह लंबे समय से एसटीएफ और एसआईटी के रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार बच निकला। वह नेपाल भागने की कोशिश में था, तभी उसे सिद्धार्थनगर जिले में नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सात मार्च से 20 मार्च तक के लिए रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों, सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर, स्थानीय सहयोगियों और सरगना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
शुभम जायसवाल और बड़े तस्करों के बीच की कड़ी विकास सिंह नरवे
जांच में सामने आया है कि विकास सिंह नरवे ही शुभम जायसवाल को इस नेटवर्क के बड़े चेहरों अमित टाटा और आलोक सिंह से मिलवाने वाला अहम कड़ी था। इसी संपर्क के जरिए कोडीन कफ सिरप की सप्लाई और तस्करी का नेटवर्क मजबूत हुआ। विकास की भूमिका केवल संपर्क सूत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह पूरे नेटवर्क के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल था।
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
एसपी ग्रामीण ने बताया कि विकास सिंह नरवे के खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी सहित कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में अवैध तस्करी, आपराधिक साजिश और नेटवर्क संचालन से जुड़े आरोप शामिल हैं।
2 मेडिकल फर्मों पर होगी कार्रवाई
कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में आजमगढ़ मंडल की 12 मेडिकल फर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन फर्मों को नोटिस जारी किया जा रहा है और आगे इनके लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। इनमें आजमगढ़ और बलिया की पांच-पांच तथा मऊ जिले की दो फर्म शामिल हैं, जहां झारखंड के रांची से कफ सिरप की सप्लाई की गई थी।
पुलिस ने इन सवालों से पर्दा उठाने का किया प्रयास
पुलिस यह पता लगाने में जुटी रही कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर, स्थानीय सहयोगी और गिरोह का सरगना कौन है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कफ सिरप कहां से मंगाया जाता था, किन राज्यों में सप्लाई की जाती थी, तस्करी से कितनी कमाई हुई और वह पैसा कहां निवेश किया गया। पुलिस आरोपी से जुड़े बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और चैट के जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
कफ सिरप तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपी विकास सिंह नरवे से पूछताछ में पता चला कि लखनऊ में उसकी एक करोड़ से अधिक की संपत्ति बनाई है। पूछताछ में तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम जानकारियों मिली हैं। जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - चिराग जैन, एसपी ग्रामीण आजमगढ़।