वाराणसी में मुठभेड़: तस्कर गिरफ्तार...साथी फरार, पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहे थे; कार्रवाई में बदमाश घायल
Encounter in Varanasi: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में गोवंश तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Varanasi News: गोवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को गुरुवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। मध्यप्रदेश से ट्रक में भरकर पश्चिम बंगाल वध के लिए ले जाए जा रहे 34 गोवंशीय पशुओं को पुलिस ने मुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान दो तस्करों की पहचान हुई, जिनमें से एक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा पहले फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया पहला आरोपी प्रयागराज जिले के धूमनगंज थाना क्षेत्र के कसारी-मसारी निवासी नौशाद अहमद (37) है। वहीं, दूसरा आरोपी कौशांबी जिले के करारी थाना क्षेत्र के आजाद नगर निवासी मोबिन अहमद (35) है, जो प्रारंभ में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस टीम उसकी तलाश में लगातार कांबिंग कर रही थी।
पुलिस ने की कार्रवाई
इसी दौरान बंदरगाह मार्ग के पास झाड़ियों में छिपे मोबिन अहमद ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से पुलिसकर्मी सतर्क हो गए और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान पुलिस की एक गोली मोबिन के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
घायल अवस्था में आरोपी को तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मौके से ट्रक समेत सभी 34 गोवंशीय पशुओं को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है। बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की गई है।
थानाध्यक्ष राजकिशोर पांडेय ने बताया कि इस मामले में थाना रामनगर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) तथा उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क को खंगालने का प्रयास किया जा रहा है।