Varanasi News: शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल पर लगेगा अंकुश, स्टेडियम में 10 सीसी कैमरे लगे; पढ़ लें निर्देश
Varanasi News: डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम लालपुर में 10 सर्विलांस कैमरे लगाकर खेल गतिविधियों की निगरानी सख्त कर दी गई है। इसका उद्देश्य शक्तिवर्धक दवाओं के उपयोग पर रोक लगाना और पारदर्शिता बढ़ाना है। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत जांच होगी और फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे खिलाड़ियों में अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम लालपुर में खेल गतिविधियों की निगरानी अब और सख्त कर दी गई है। खेल विभाग ने स्टेडियम परिसर में 10 सर्विलांस कैमरे लगवा दिए हैं, जिनके माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से खिलाड़ियों के बीच अनुशासन बढ़ेगा और शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कैमरे लगने के बाद स्टेडियम के भीतर होने वाली सभी गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी। पिछले कुछ समय से कुछ खिलाड़ियों पर प्रदर्शन सुधारने के लिए प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवाओं के उपयोग के आरोप सामने आते रहे हैं। बीते वर्ष स्टेडियम परिसर के महिला और पुरुष शौचालयों सहित अन्य स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं और सीरिंज बरामद की गई थीं। इस घटना के बाद विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
नई व्यवस्था होगी लागू
नई व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों के लिए शौचालय में बैग ले जाने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल जांच की जाएगी। स्टेडियम में लगाए गए कैमरों की फीड की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो सके। शिकायत मिलने पर फुटेज के आधार पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
स्टेडियम के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरे परिसर की निगरानी सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम खेलों में पारदर्शिता बनाए रखने और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह ने बताया कि स्टेडियम में कैमरे लगाए जाने का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के बीच अनुशासन स्थापित करना और खेल गतिविधियों को स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से शक्तिवर्धक दवाओं के उपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी और खिलाड़ियों को निष्पक्ष माहौल मिल सकेगा।
