Cyber Crime: डिजिटल अरेस्ट कम, साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लूट लिए 11 करोड़; तीन लोगों से 67 लाख ठगे
Varanasi Crime: वाराणसी में साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। शातिर ठग शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट, ऑनलाइन टास्क के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। वहीं, पुलिस भी कई मामलों में सफलता हासिल कर चुकी है।
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Varanasi News: साइबर अपराधियों ने जितना डिजिटली अरेस्ट कर ठगे उससे ज्यादा इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक पर अमीन बनाने का सपना दिखाकर लोगों से ठगी की। एक साल में 30 बड़े मामलों में ही 11 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। ज्यादातर मामलों में टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप, पर जुड़कर और बाकी शेयर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर किया गया।
ठगों ने शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट, ऑनलाइन टास्क और जॉब ऑफर का झांसा देकर रकम वसूली। 98 पीड़ित ऐसे थे जो सोशल साइट्स पर 25 से 40 हजार रुपये महीने की नौकरी खोज रहे थे। ठगों ने पहले छोटे मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर निवेश के नाम पर पांच से 10 लाख रुपये तक की उगाही कर ली। सभी मामलों में एक ही बात सामने आई कि साइबर ठगों ने टेलीग्राम ग्रुप चैनल से लोगों को जोड़कर फर्जी निवेश स्कीम बताकर मोटी कमाई का झांसा दिया। शुरू के तीन चार महीने में मुनाफ दिया गया और बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के बाद चैनल ही बंद कर दिया गया।
115 फेक अकाउंट को पुलिस ने बंद कराया: टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक समेत अन्य सोशल साइट पर 115 फेक अकाउंट पुलिस ने बंद कराए। 4488 मोबाइल नंबर जिससे साइबर अपराधियों ने संपर्क किया है। पुलिस ने अब तक 122 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें अंतरराज्यीय साइबर अपराधी हैं।
रिटायर्ड रेल कर्मी से 23 लाख और दो व्यापारियों से 34 लाख रुपये की ठगी
मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी और न्यायालय में पेशी का डर दिखाकर रिटायर्ड रेलकर्मी रघुनंदन प्रसाद को साइबर जालसाजों ने 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 23 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के बेटे और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. चंदन किशाोर ने बुधवार को सिगरा थाने में साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। सिगरा पुलिस ने साइबर क्राइम थाने के विशेषज्ञों से संपर्क किया। वहीं, जंसा और बड़ागांव थाना क्षेत्र के 2 व्यापारियों से ट्रेडिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर 34 लाख की ठगी हुई।
सिगरा के चंदुआ छित्तूपुर मेडिकल कॉलोनी निवासी चिकित्सक डॉ. चंदन किशोर ने पुलिस को बताया कि पिता रघुनंदन प्रसाद रेलवे से रिटायर हैं। 25 दिसंबर को एक व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है।
मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और न्यायालय में ऑनलाइन पेशी का डर दिखाया। कहा गया कि सिक्योरिटी मनी के रूप में अलग-अलग बैंक खातों के रुपये एक खाते में रखें। ठगों ने उन्हें 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। दबाव में आए पिता ने 26 दिसंबर को लहरतारा स्थित बैंक की शाखा से 23 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से गुवाहटी के यस बैंक के खाते में भेज दिया। ठगी की सूचना परिवार को दी।
ट्रेडिंग और गेमिंग प्लेटफाॅर्म के नाम पर ठगी में दंपती सहित पांच पर प्राथमिकी
ट्रेडिंग और गेमिंग प्लेटफाॅर्म के नाम पर दो व्यापारियों से 34 लाख रुपये की ठगी की गई है। मामले में भदोही के महाराजगंज निवासी बाबा प्रजापति, उसकी पत्नी पूनम और बेटे जयेश प्रजापति, महाराष्ट्र के ठाणे स्थित प्रगति नगर के वेद शाॅपिंग सेंटर निवासी सुरेश गुप्ता और सूरज यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जंसा थाना क्षेत्र के चौखंडी भाऊपुर निवासी पीड़ित संजय कुमार पटेल ने पुलिस को बताया कि उसकी भाऊपुर बाजार में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। बाबा प्रजापति समेत अन्य आरोपी दुकान पर आवाजाही करते थे। आरोपियों ने बताया कि ट्रेडिंग की कंपनी और वेबसाइट चलाते हैं। अच्छा मुनाफा होता है। यदि कुछ निवेश करते हैं तो आपका जितना पैसा वेबसाइट के पास पड़ा रहेगा, उसका 6 प्रतिशत महीने की दर से मुनाफा मिलेगा।
मूलधन सुरक्षित रहेगा। जब चाहे मूलधन वापस लिया जा सकता है। लालच में ही 20 जून 2023 से 9 दिसंबर 2025 के बीच बाबा शंभू प्रजापति, पूनम बाबा प्रजापति, जयेश प्रजापति, केडी इंटरप्राइजेज, केपी इंटरप्राइजेज, संध्या क्रिएशन, स्पी टेक्नोलाॅजी, सांई इंफ्रा, ट्रांस इंफ्रा के बैंक खातों में 17 रुपये भेज दिए। इसी तरह परिचित व बड़ागांव के अहरक जमालपुर निवासी सुजीत कुमार सिंह से भी 17 लाख रुपये संंबंधित खाते में जमा करवा दिए।
लोगों में जागरुकता बढ़ी है, लेकिन लालच में आकर और घर बैठे अमीर बनने की चाह भारी पड़ रही है। साइबर ठगी के 24 घंटे में साइबर थाने व साइबर सेल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। - विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर
बचाव के रास्ते
- सेबी रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें
- गारंटीड रिटर्न देने वाले ऑफर से दूरी रखें
- स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस न दें
- पहले वेबसाइट का यूआरएल जांचें
- ऐप डाउनलोड करने से पहले रिव्यू देखें
- ओटीपी व यूपीआई पिन साझा न करें
- जल्दबाज़ी में निवेश करने का दबाव बने तो समझ लें खतरा है
