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Electricity Crisis: अस्सी घाट पर अंधेरे में हुई गंगा आरती, काॅलोनियों में 12 घंटे बत्ती गुल; ट्रिपिंग जारी

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 22 May 2026 10:47 AM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में बिजली की समस्या से कई इलाकों के लोग तंग आ चुके हैं। बार-बार हो रही ट्रिपिंग से उपकरणों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसी बीच, अस्सी घाट पर अंधेरे में गंगा आरती का आयोजन हुआ। पर्यटक मोबाइल टाॅर्च जलाकर रास्ता खोजते नजर आएं।

Electricity Crisis Ganga Aarti performed darkness power supply cut off in residential colonies for 12 hours
अस्सी घाट पर अंधेरे में हुई गंगा आरती। - फोटो : संवाद
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विस्तार

Power Cut Varanasi: जिले में बिजली की बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति चरमरा गई है। बीते पांच दिनों से पांच दिन से ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड होने के साथ ही तार जलने, टूटने की घटनाएं खूब हो रही हैं। इन सबमें शहर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई है। 

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बृहस्पतिवार को सामनेघाट की तीन कॉलोनियों में 12 घंटे से ज्यादा देर तक बिजली गुल रही। वहीं, चौबेपुर में भी 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहीं। उधर, बिजली नहीं होने की वजह से शाम को अस्सी घाट की दोनों गंगा आरती भी अंधेरे में हुई। श्रद्धालुओं ने मोबाइल की फ्लैश लाइट के बीच गंगा आरती देखी। अस्सी क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक बिजली गुल रही। 

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गर्मी से बिलबिलाए लोग

बढ़ती गर्मी के बीच शहर में लो वोल्टेज से लेकर ट्रांसफॉर्मर और पैनल में खराबी की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। बीते तीन दिनों से रामनगर, महमूरगंज, चौकाघाट, डाफी, शिवपुर समेत 40 से अधिक काॅलोनियों में भी ट्रिपिंग खूब हो रही हैं। कटौती से परेशान लोगों ने घर से बाहर निकलकर जिले में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किया। 

सामनेघाट में महेशनगर, नगवां, रविदास पार्क के पास बुधवार की आधी रात से ही बिजली गुल रही। लोगों ने उपकेंद्र पर फोन किया। कर्मचारी पहुंचे भी लेकिन रात में बिजली नहीं आ सकी। नगवां निवासी विजेंद्र सिंह, महेशनगर के हिमांशु, अजय का कहना है कि बुधवार रात 12 बजे के बाद से कटी बिजली किसी तरह बृहस्पतिवार की दोपहर में 12 बजे बहाल हुई। इस बीच दो-चार मिनट के लिए तीन बार आई लेकिन चली गई। 

इन मोहल्लों में हो रही है सर्वाधिक ट्रिपिंग: शिवाजीनगर-महमूरगंज इलाके में पिछले तीन दिन से बिजली आपूर्ति का गंभीर संकट है। यहां हर आधे घंटे में ट्रिपिंग हो रही है। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के पास शिवदासपुर में भी दो दिन से आपूर्ति लड़खड़ा गई हैं। दिन में तो ठीक लेकिन रात में ट्रिपिंग के साथ ही लोगों को लो वोल्टेज से जूझना पड़ रहा है। 

कैंट स्टेशन के पास बिजली की आवाजाही का क्रम बना हुआ है। तीन दिन से लोग उपकेंद्र पर फोन कर अपनी समस्या भी बता रहे हैं लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसी तरह शिवपुर के इंद्रपुर कोईलहवा फीडर से 24 घंटे से ट्रिपिंग ज्यादा हो रही है। उपभोक्ताओं ने इसकी जानकारी उपकेंद्र को भी दी गई। इसके बाद भी रात भर बिजली का आना-जाना जारी रहा।

नरिया के पास सटे सरायनंदन, खोजवा इलाके में भी तीन दिन से कटौती खूब हो रही है। बिजली कर्मी फाॅल्ट बनाकर जैसे जा रहे हैं, वो टिक नहीं पा रहा है। चेतगंज के पास चौरछठवां इलाके में 15 दिन से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लड़खड़ाई है। कभी यहां ट्रांसफाॅर्मर जल रहा है तो कभी बनने के बाद भी आपूर्ति पटरी पर नहीं आ पा रही है। 

चौबेपुर में नहीं बना फ्यूज तो घर से बाहर निकले लोग: चौबेपुर स्टेशन रोड के पास तीन दिन से बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई है। बुधवार शाम से फ्यूज उड़ने के बाद जब बृहस्पतिवार तक उसकी मरम्मत नहीं हो सकी तो लोग घरों से बाहर निकल आए। नारेबाजी कर बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकरी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। 

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रेड जोन में बनारस, रात में दोगुना बढ़ रहा ट्रांसफाॅर्मर का लोड
दिन में स्थिति थोड़ी नियंत्रित रह रही हैं लेकिन सबसे ज्यादा संकट रात में हो रहा है। शाम होते ही बल्ब, ट्यूबलाइट जलने के साथ ही लोग एसी, कूलर का इस्तेमाल पूरी क्षमता के साथ कर रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार अगर किसी काॅलोनी में 400 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है तो दिन में इसका लोड 200 से 250 केवीए तक यानी कम मिल रहा है लेकिन रात होते ही अधिकांश ट्रांसफॉर्मर पर लोड 450 से 500 केवीए तक पहुंच जा रहा है। 20 मई को 915 मेगावाट लोड पहुंचते ही बनारस रेड जोन में पहुंच गया। 

जिले में पिछले चार-पांच दिन से गर्मी बढ़ने की वजह से घरों, दुकानों, होटलों, कार्यालयों आदि में इलेक्टि्रक उपकरणों का उपयोग बढ़ा है। इस वजह से आपूर्ति की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। लोगों से अपील है कि वह जरूरत के हिसाब से ही उपकरणों का इस्तेमाल करें। - राकेश कुमार, मुख्य अभियंता, बिजली निगम

अस्पतालों में बिजली कटौती का संकट कम, ट्रिपिंग बरकरार
जिले में उपजे बिजली के संकट के बीच सरकारी अस्पतालों में कटौती का संकट तो कम है लेकिन ट्रिपिंग हो रही है। अधिकांश अस्पतालों के परिसर में ही ट्रांसफॉर्मर लगे हैं, इसलिए 24 घंटे में 1-2 बार मामूली ट्रिपिंग ही हो रही हैं। शास्त्री अस्पताल रामनगर, मंडलीय अस्पताल कबीचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला असपताल, महिला अस्पताल कबीरचौरा में इन दिनों बिजली आपूर्ति को लेकर हर दिन माॅनीटरिंग की जा रही हैं।

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