Elctricity Crisis: शहर से लेकर गांव तक ट्रिपिंग ने बढ़ा दी मुसीबत, बिजली खर्च 50 मेगावाट ज्यादा; परेशानी
Varanasi News: वाराणसी में भीषण गर्मी के साथ लोगों को बिजली कटाैती का भी दंश झेलना पड़ रहा है। जिले में दो साल में पहली बार 750 मेगावाट बिजली आपूर्ति की खपत बढ़ गई है। आए दिन अब ट्रांसफार्मर जलने की भी शिकायतें आ रही हैं।
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Varanasi News: तीन दिन से तीखी धूप, लू चलने और तापमान में बढ़ोतरी का असर बिजली व्यवस्था पर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। दिन और रात में हो रही ट्रिपिंग ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को भी महमूरगंज से लेकर चेतगंज, कंदवा, विश्वेश्वरगंज में बिजली की आवाजाही जारी रही। इस बीच शहर में दो जगहों पर ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर से आपूर्ति की गई।
बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति का दावा भले ही किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली कब आएगी, कब चली जाएगी, कोई समय तय नहीं है। मंगलवार को भी शिवराजनगर कॉलोनी, रानीपुर शिवराज सिंधी कॉलोनी, सूर्यबाग कॉलोनी, शिवपुरवां, महमूरगंज, पांचों पंडवा, चेतगंज में ट्रिपिंग हुई।
भिखारीपुर चौराहे से सुंदरपुर जाने वाले मार्ग पर ट्रांसफॉर्मर खराब होने की वजह से ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर से आपूर्ति देनी पड़ी। ग्रामीण इलाकों में सारनाथ के पूरनपट्टी उपकेंद्र के सथवा फीडर से जुड़े सिंहपुर, पतेरवा, हसनपुर, सथवा, छाही, नई बाजार में सुबह 7 बजे कटी बिजली 45 मिनट बाद आई।
लेढ़ूपुर उपकेंद्र के पंचकोशी फीडर से जुड़े महावीरनगर कॉलोनी, पुरानापुल, पुलकोहना में ट्रिपिंग देखने को मिली। रोहनिया में लठिया, विशोखर, औढ़े, बच्छाव में मंगलवार सुबह से शाम तक 7-8 बार बिजली कटी। बच्छाव के ग्राम प्रधान रामचरित्र पटेल ने बताया कि तीन दिन से समस्या अधिक बढ़ी है। अचानक गर्मी बढ़ने का असर है कि बिजली की मांग भी बढ़ गई है।
सोमवार को गर्मी इतनी अधिक थी कि मांग 750 मेगावाट पहुंच गई। मंगलवार को भी आपूर्ति की मांग 740 तक रही। इस तरह दो साल में पहली बार अप्रैल में बिजली की मांग 750 मेगावाट पहुंच गई है। जो कि औसत से 50 अधिक है। अप्रैल में पिछले साल अधिकतम खपत 700 मेगावाट तक पहुंची थी।
तापमान बढ़ने का असर उपकरणों पर भी देखने को मिल रहा है। जिस भी जगह ट्रिपिंग, तार जलने/ टूटने की समस्या मिल रही है, वहां संबंधित उपकेंद्र की ओर से टीम भेजकर समाधान कराया जा रहा है। सभी अधिकारियों को निगरानी करने को कहा गया है। - राकेश कुमार, मुख्य अभियंता

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