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Fake GST Billing: 10 बोगस फर्मों ने की 54 करोड़ की धोखाधड़ी, यूपी के अलावा अन्य जिलों में फैला है जाल

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 02 Feb 2026 04:44 PM IST
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सार

Varanasi News: 10 बोगस फर्मों द्वारा 54 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बोगम फर्म सिंडिकेट की जड़ें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी फैली हुई हैं।

Fake GST Billing in Varanasi 10 bogus firms committed fraud worth 54 crore rupees
जीएसटी विभाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी जीएसटी बिलिंग और 54 करोड़ की आईटीसी धोखाधड़ी के मामले में बोगम फर्म सिंडिकेट की जड़े काफी गहरी और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी फैली हुई हैं। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, मंडी गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के कोटला डढ़ेरी निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है। 

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आयरन, स्क्रैप परिवहन के आधार पर बनी 10 बोगस फर्मों से बिना माल का परिवहन कराए आईटीसी का लाभ ले लिया गया। यह धोखाधड़ी तीन साल से चल रही थी। राजस्व को चोट पहुंचाने वाले फर्जी फर्म पंजीकृत करने वालों के खिलाफ कैंट पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चेतगंज के राज्य कर अधिकारियों से भी बोगस फर्मों की सूची मांगी गई है।
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राज्य कर अधिकारी खंड 16 के संयुक्त आयुक्त वेद प्रकाश दुबे ने कैंट थाने में नदेसर लक्ष्मी घाट निवासी एएस वर्क्स के प्रोपराइटर अबुजार अहमद के खिलाफ फर्जी आईटीसी लाभ लेने और बोगस फर्म संचालन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। केंद्रीय अधिक्षेत्र में 31 दिसंबर 2024 को एएस वर्क्स पंजीकृत हुई।

अबुजार अहमद के फर्म ने अप्रैल 2025 का जीएसटीआर-1/ थ्रीबी शून्य फाइल किया गया है। पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के अनुसार फर्म कोई भी इनवर्ड सप्लाई (खरीद) मार्च, अप्रैल व मई 2025 में नहीं की गई। इस प्रकार फर्म ने इनवर्ड सप्लाई के माल की सप्लाई की। यानी फर्जी बोगस तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन किया गया।

मार्च 2025 में फर्म ने 1,48,00,618.00, अप्रैल 2025 में 7,26,81,496 और मई 2025 में 45,48,77,504 की आउटवर्ड सप्लाई प्रांत के बाहर 10 फर्मों को की। इन 10 फर्मों में मेसर्स मोहन इंटरप्राइजेज, एएम इंटरप्राइजेज, माधव इंटरप्राइजेज, एएम इंटरप्राइजेज, गरिमा इम्पेक्स, मेहर इंटरप्राइजेज, माता वैष्णो देवी इंटरप्राइजेज, मोहन इंटरप्राइजेज व राधे श्याम इंटरप्राइजेज ने एएस वर्क्स ने खरीद-बिक्री की गई, जो कि बोगस निकली है। कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि फर्जी जीएसटी बिलिंग और गलत तरीके से आईटीसी लाभ लेकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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