पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Female friend sentenced to life imprisonment and fined ₹1 lakh for woman murder in Varanasi

UP: खून से लथपथ शव, कटा हुआ गला... फावड़ा लेकर लाश के पास बैठी थी आरोपी; 10 मिनट के लिए सहेली को बुलाया था घर

Wed, 01 Jul 2026 10:40 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 01 Jul 2026 10:40 AM IST
सार

Varanasi News: वर्ष 2022 में महिला की हत्या में सहेली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

विज्ञापन
Female friend sentenced to life imprisonment and fined ₹1 lakh for woman murder in Varanasi
महिला की हत्या में सहेली को उम्रकैद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

घर बुलाकर सहेली की फावड़े से गला काटकर हत्या के मामले में अपर जिला जज आलोक कुमार की अदालत ने अभियुक्ता राखी वर्मा को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। 70 प्रतिशत राशि मृतका के बच्चों को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। इस दौरान अदालत में नौ गवाह परीक्षित हुए।

विज्ञापन


क्या है पूरा मामला
21 अप्रैल 2022 की सुबह 9.30 बजे अभियुक्ता राखी वर्मा ने अपने मोबाइल से कंचन वर्मा को फोन कर ब्लाउज के डिजाइन के बहाने 10 मिनट के लिए अपने घर टक्खू की बौली, मंटूका कपसेठी बुलाया। कंचन पति संजय वर्मा की बाइक से राखी के घर पहुंची। ठीक 45 मिनट बाद कंचन के ही मोबाइल से राखी ने संजय को फोन किया। कहा डायल 112 पर फोन कर अपनी पत्नी को ले जाओ। 
विज्ञापन


खून से लथपथ पड़ा था कंचन का शव
संजय जब राखी के घर पहुंचा तो पता चला कि कंचन छत पर है। छत पर गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने पर राखी ने दरवाजा खोला। कंचन का खून से लथपथ शव पड़ा था, उसका गला कटा हुआ था और पास में ही खून लगा फावड़ा पड़ा था। इसके बाद संजय ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने जांच की और हत्या में प्रयुक्त फावड़े को कब्जे में लिया। कंचन वर्मा के शरीर पर चोट के कई निशान थे। पुलिस जांच और आरोपी महिला के बयान के अनुसार दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में मृतका के देवर राजीव सिंह पटेल ने कपसेठी थाने में हत्यारोपी राखी वर्मा सहित उसके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना में अन्य इस वारदात में शामिल नहीं मिले। कोर्ट में अभियोजन सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष तिवारी ने घटना से पहले दोनों के बीच अंतरंग स्थिति की संभावना व्यक्त की गई थी। आरोपी महिला के बयान में हत्या की पीछे की वजह भी समलैंगिकता आई। 

इसे भी पढ़ें; दालमंडी चौड़ीकरण: मस्जिदों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू, 500 से ज्यादा पुलिस फोर्स; 13 जगहों पर बैरिकेडिंग

फावड़े से लगी चोटों, शॉक से मौत की पुष्टि
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की गवाही में आया कि मृतका की मौत अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेजिक शॉक) से हुई, जो मृत्यु से ठीक पहले लगी गंभीर चोटों के कारण हुई थी। शव पर धारदार और कुंद दोनों प्रकार की चोटें मिलीं, जिनमें छाती पर गहरा घाव था। चोटें एक ही औजार से की गईं। जिसका कुछ हिस्सा धारदार और कुछ कुंद था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में फावड़े सहित कई वस्तुओं पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि हुई, जबकि विसरा जांच में रासायनिक विष के अंश नहीं मिले।

गले, चेहरे और छाती पर धारदार हथियार से कई वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की हत्या बेहद नृशंस तरीके से किए जाने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के गले, चेहरे और छाती पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे। गले पर चार बड़े घाव मिले, जिनमें दो बोन-डीप थे। चेहरे के दाहिने हिस्से पर भी धारदार हथियार के दो घाव पाए गए। छाती पर 18 सेंटीमीटर लंबा गहरा चीरा था। रिपोर्ट में बताया गया कि शव पर रिगर मॉर्टिस पूरे शरीर में मौजूद था। आंख और मुंह खुले थे, जबकि जीभ और नाखूनों पर हल्की नीलिमा दिखाई दी। मृतका के कपड़े और शरीर खून से सना हुआ था।

प्रधानी की रंजिश में फंसाया
बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध थे। एक-दूसरे का घर पर आना जाना था। ऐसे में क्यों घर पर बुलाकर हत्या की जाएगी। आरोपी को प्रधानी की रंजिश में फंसाया गया, राखी 2021 में प्रधानी का चुनाव लड़ी थी। घटना का कोई चौथा गवाह नहीं है। जिसने हत्या करते देखा हो। घटना में किसी दूसरे की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता।

पुलिस जांच में क्या आया
आरोपी के बयान के अनुसार, हत्या का कारण दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध रहा। दोनों सहेली रहीं। एक-दूसरे के यहां आना जाना रहा रहा। आरोपी चाहती थी कि उसके साथ रहे। कोर्ट में भी इस बात का जिक्र बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से किया गया।

अभियोजन ने फांसी की मांग की, अदालत ने कहा उस श्रेणी में नहीं 
30 जून को दोपहर बाद दंड के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने इसे बर्बर और अमानवीय कृत्य बताते हुए मृत्युदंड (फांसी) की मांग की, जबकि न्यायमित्र (बचाव पक्ष) ने अभियुक्त के महिला होने और भविष्य का हवाला देते हुए कम से कम सजा की गुहार लगाई। न्यायालय ने माना कि यह मामला फांसी की श्रेणी में नहीं आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed