गंगा की लहरों पर सफर: पहली बार वाराणसी से चुनार की यात्रा कराएगा गंगोत्री क्रूज, बुकिंग शुरू; जानें- खातियत
वाराणसी से चुनार की यात्रा गंगोत्री क्रूज के जरिये आसान होगी। पहली बार ये क्रूज 60 यात्रियों को सफर कराएगा। इसके लिए प्रबंधन की तरफ से बुकिंग शुरू कर दी गई है।
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गंगा में मौजूदा समय में पांच क्रूज चलाए जा रहे हैं। इनमें अलकनंदा, भगीरथी, स्वामी विवेकानंद और सैम मानिकशाॅ हैं। अलकनंदा की क्षमता 60, भगीरथी की 80, स्वामी विवेकानंद की 100 और सैम मानिकशॉ की भी 100 यात्रियों की क्षमता है। वहीं, गंगोत्री क्रूज में 200 यात्रियों की सामान्य क्षमता और 48 यात्रियों के ठहरने की क्षमता है। द गंगा हेरिटेज वॉयज के तहत यात्रियों को गंगोत्री क्रूज में काशी से चुनार की तीन दिवसीय यात्रा का अनुभव मिलेगा।
इस यात्रा के दौरान पहले दिन गंगा आरती, बनारसी चाय नाश्ता, शास्त्रीय संगीत और डिनर की व्यवस्था होगी। दूसरे दिन सूर्योदय के समय चुनार के लिए नौका यात्रा, नाश्ता, सिद्धनाथ दरी, जलप्रपात का गाइडेड भ्रमण, चुनार की ऐतिहासिक व विरासत यात्रा, क्रूज पर दोपहर का भोजन, शूलटंकेश्वर मंदिर के दर्शन, काशी में शाम को मनोरंजन और रात्रिभोज होगा।
तीसरे दिन गंगा पर सूर्योदय के समय योग, काशी के ऐतिहासिक घाटों का सुबह क्रूज से भ्रमण होगा। नाश्ते के बाद यात्रा समाप्त होगी। अलकनंदा क्रूजलाइन के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि काशी से चुनार की इस यात्रा के लिए बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। 4 से 6 सितंबर तक यह सफर कराया जाएगा।
गंगा का वर्तमान जलस्तर क्रूज संचालन के लिए अच्छा
गंगा में इन दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि जलस्तर का बढ़ना जलमार्ग परिवहन के लिए अनुकूल है। जितना अधिक पानी गंगा में रहेगा, क्रूज या बड़े मालवाहकों के आवागमन में उतनी ही आसानी होगी। इन दिनों पानी बढ़ा है। ऐसे में मालवाहक जहाजों को आसानी से पटना या हल्दिया भेजा जा सकेगा।