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ज्ञानवापी: सील वजूखाने के ताले पर कपड़े बदलने में आदेश की तिथि तय, अर्जी में कही गई थी ये बात; जानें मामला

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 04 Dec 2025 05:59 AM IST
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सार

ज्ञानवापी के सील वजूखाने के ताले पर लगे कपड़े को बदलने वाली अर्जी पर लगातार जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में सुनवाई हो रही है। कथित वजूखाने में कपड़े बदलने वाले पॉइंट पर अब 15 दिसंबर को आदेश आ सकता है।

Gyanvapi date set for order to change locks of sealed washroom stated in application
Varanasi court - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

Varanasi News: जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में बुधवार को शृंगार गौरी–ज्ञानवापी से जुड़े सील वजूखाना के फटे कपड़े बदलने के मामले में सुनवाई हुई। अदालत में वह आदेश प्रति प्रस्तुत की गई, जो सुप्रीम कोर्ट में 2019 में अधिवक्ता अश्वनी कुमार उपाध्याय द्वारा दाखिल याचिका पर पारित हुआ था। 

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इसके बाद पक्षकारों ने वजूखाना के सीलबंद ताले पर लगे फटे कपड़े को बदलने की अनुमति देने की मांग उठाई, जिस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दर्ज की।
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प्रशासन की ओर से नियुक्त विशेष अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991 को लेकर लंबित सुनवाई के मद्देनजर अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया था कि वे धार्मिक मामलों में कोई नया मुकदमा दर्ज न करें और न ही ऐसा आदेश पारित करें जिससे सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई प्रभावित हो। 

मुस्लिम पक्ष ने जताया था विरोध

उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां कोई नया वाद दाखिल नहीं किया जा रहा, बल्कि केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीलबंद ताले पर लगे जर्जर कपड़े को सुरक्षित रूप से बदलने की आवश्यकता बताई गई है। हिंदू पक्ष ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की, जबकि मुस्लिम पक्ष ने विरोध जताया। 

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस अर्जी पर 15 दिसंबर की तिथि आदेश के लिए तय कर दी। कुछ दिन पहले वाराणसी प्रशासन की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि ज्ञानवापी के सील वजूखाने पर लगा कपड़ा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसे बदलना जरूरी है। इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने आपत्ति की थी, जिसके बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के संबंधित आदेश की प्रति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

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