ज्ञानवापी: वादमित्र, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की आपत्ति के बाद अब 13 अक्तूबर को सुनवाई; जानें पूरी बात
Varanasi News: जिला जज की अदालत में ज्ञानवापी के दो मामलों को लेकर सुनवाई हुई। अब आपत्ति दाखिल करने का समय मांगा गया है। अगली सुनवाई की तारीख नियत कर दी गई है।
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जिला जज जय प्रकाश तिवारी की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी के पुराने मामले के वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने संबंधित रिवीजन अर्जी पर सुनवाई हुई। इसी तरह ट्रांसफर से जुड़ी पुनर्विचार अर्जी पर भी सुनवाई की गई। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से दोनों मामलों में आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। अब दोनों मामलों की सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी।
स्थानांतरण आवेदन पर अनुष्का तिवारी ने पुनर्विचार याचिका दायर की है क्योंकि वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने इसका विरोध किया था। इसी आधार पर अदालत ने पहला स्थानांतरण आवेदन खारिज कर दिया था। आदेश पारित होने के बाद कई तथ्य, दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
विभिन्न तीर्थस्थलों के महंत, पुजारियों ने हलफनामा भी दाखिल किया। उनकी तरफ से कहा गया कि ये एक जनप्रतिनिधि वाद है जिसे स्वर्गीय पंडित सोमनाथ व्यास, प्रोफेसर रामरंग शर्मा और हरिहर पांडेय ने दाखिल किया था। यह मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में लंबित है। क्योंकि यह मामला प्रमुख है।
इसमें जनता की भगवान विशेश्वर (विश्वनाथ) के प्रति भावना का प्रतिबिंबित किया गया है। यह सुस्थापित कानून है कि वाद मित्र देवता के हित में कार्य नहीं करते हैं जबकि वाद जनप्रतिनिधि वाद हो तब भक्तों को वाद में देवता वादी के हित में हस्तक्षेप करने का अधिकार प्राप्त है। दोनों मामले में वादमित्र के ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। इसी बीच अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया।
ज्ञानवापी : निगरानी अर्जी पर अदालत आज सुना सकती है फैसला
अपर जिला जज चौदहवां सुधाकर राय की अदालत मंगलवार को ज्ञानवापी से जुड़ी निगरानी अर्जी पर फैसला सुना सकती है। यह अर्जी लोहता के मुख्तार अंसारी ने दाखिल की है। वह मामले में पक्षकार बनना चाहते हैं। पिछली तिथि पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की विधि व्यवस्था दाखिल की थी। जबकि मुख्तार अंसारी की ओर से पहले ही रूलिंग दाखिल कर दी गई थी। अदालत ने फैसले के लिए23 सितंबर की तिथि तय कर रखी है।