UP: मंदिर में मां काली, आंबेडकर, बुद्ध और रविदास की प्रतिमाओं को किया अलग-अलग, गांव में गुस्सा, पुलिस बल तैनात
वाराणसी के चौबेपुर के गौरडीह गांव में शरारती तत्वों ने डॉ. आंबेडकर, संत रविदास, भगवान बुद्ध और काली माता की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त कर दीं। विरोध में भीम आर्मी और बसपा कार्यकर्ताओं ने दो घंटे धरना दिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर नई प्रतिमाएं लगाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
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चौबेपुर थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव में शुक्रवार रात शरारती तत्वों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत शिरोमणि रविदास, भगवान बुद्ध और काली माता की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने प्रतिमाओं की टूटी हालत देखी तो गांव में आक्रोश फैल गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
ग्रामीणों के अनुसार, डॉ. आंबेडकर और संत रविदास की प्रतिमाओं का अनावरण 12 फरवरी 2025 को किया गया था। पास स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में स्थापित प्रतिमा को भी असामाजिक तत्व उखाड़कर रेलवे लाइन के दूसरी ओर फेंक गए। सुबह खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। दलित बस्ती की महिलाएं भी विरोध में शामिल हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता और बसपा समर्थक मौके पर पहुंचे। सभी ने दोषियों की गिरफ्तारी और नई प्रतिमाएं स्थापित कराने की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की।
सूचना पर चौबेपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे। चोलापुर थाने की पुलिस भी मौके पर बुलाई गई। बाद में एसीपी सारनाथ विनय कुमार द्विवेदी ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, नई प्रतिमाएं स्थापित कराने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है और शरारती तत्वों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त करने वालों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।