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Varanasi News: बाबतपुर एयरपोर्ट से अलग-अलग टर्मिनल से मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विमान
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वाराणसी एयरपोर्ट पर चल रहा निर्माण कार्य स्त्रोत एयरपोर्ट
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वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इस काम के पूरा होने के बाद यह प्रदेश का दूसरा एयरपोर्ट होगा, जहां अलग-अलग टर्मिनल से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान उड़ान भरेंगे। वाराणसी एयरपोर्ट पर पुराने टर्मिनल से अंतरराष्ट्रीय और नए टर्मिनल से घरेलू उड़ानें संचालित होंगी। विस्तारीकरण के बाद यह सुविधा शुरू होगी। अभी एक ही टर्मिनल से सभी उड़ानें संचालित होती हैं।
एयरपोर्ट के इस तरह दो हिस्सों में बंटने से यात्रियों को तो सहूलियत होगी ही, कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। एयरपोर्ट पर मौजूदा समय में रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री आते-जाते हैं। विस्तारीकरण के बाद यह संख्या बढ़कर औसतन 27 से 30 हजार हो जाएगी। इसी लिहाज से नए टर्मिनल को डिजाइन कर निर्माण कराया जा रहा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अलग टर्मिनल होने से यात्रियों को आसानी होगी। वे सीधे नए या पुराने, अपनी आवश्यकता अनुसार टर्मिनल में स्थित डिपार्चर गेट तक पहुंच सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था का भी इंतजाम यात्रियों की क्षमता को देखते हुए किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही खाका तैयार है।
विमान और वाहन दोनों के लिए बढ़ेगी पार्किंग क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा समय में एक साथ 11 विमान खड़े होने की क्षमता है। क्षमतावृद्धि के बाद एयरपोर्ट पर एक साथ 28 विमान खड़े हो सकेंगे। वहीं, अभी करीब 500 चार पहिया वाहन पार्क हो पाते हैं। टर्मिनल भवन के बगल में बन रही मल्टीलेवल कार पार्किंग में एक साथ 1000 चार पहिया वाहन खड़े होंगे। इसके अलावा बाहर भी पुरानी कार पार्किंग उपयोग में रहेगी, जिसमें 450 चार पहिया वाहन खड़े होंगे।
बढ़ेगी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की संख्या
एयरपोर्ट से अभी रोजाना 80 से 90 उड़ानों का संचालन होता है। इसमें अधिकतम घरेलू उड़ानें हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या 5 से 6 है, जिनका संचालन दिन या सप्ताह के अनुसार किया जाता है। क्षमतावृद्धि और विस्तार के बाद यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ेगी। क्षमतावृद्धि के बाद एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा। पूरा एयरपोर्ट फ्री वाई-फाई से लैस होगा। हर तरफ सीसीटीवी कैमरे होंगे। यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था, रेस्टोरेंट, टॉयलेट, चेक-इन काउंटर, बैगेज बेल्ट आदि की संख्या बढ़ेगी। क्षमतावृद्धि के बाद पीक समय में एक साथ 5000 यात्री टर्मिनल में रुक सकेंगे।
परियोजना एक नजर में
निर्माण लागत — करीब 2,870 करोड़
विस्तार क्षेत्र — करीब 350 एकड़ भूमि पर
रनवे — 4,075 मीटर लंबा होगा
नया टर्मिनल — 75 हजार वर्ग मीटर में बनेगा
काम पूरा होने का समय — साल 2027 तक
डिजाइन — भगवान शिव के त्रिशूल और काशी विश्वनाथ धाम की वास्तुकला पर आधारित
वर्जन
एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। निर्माण का काम 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। - पुनीत गुप्ता, निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
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एयरपोर्ट के इस तरह दो हिस्सों में बंटने से यात्रियों को तो सहूलियत होगी ही, कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी। एयरपोर्ट पर मौजूदा समय में रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्री आते-जाते हैं। विस्तारीकरण के बाद यह संख्या बढ़कर औसतन 27 से 30 हजार हो जाएगी। इसी लिहाज से नए टर्मिनल को डिजाइन कर निर्माण कराया जा रहा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अलग टर्मिनल होने से यात्रियों को आसानी होगी। वे सीधे नए या पुराने, अपनी आवश्यकता अनुसार टर्मिनल में स्थित डिपार्चर गेट तक पहुंच सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था का भी इंतजाम यात्रियों की क्षमता को देखते हुए किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही खाका तैयार है।
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विमान और वाहन दोनों के लिए बढ़ेगी पार्किंग क्षमता
एयरपोर्ट पर मौजूदा समय में एक साथ 11 विमान खड़े होने की क्षमता है। क्षमतावृद्धि के बाद एयरपोर्ट पर एक साथ 28 विमान खड़े हो सकेंगे। वहीं, अभी करीब 500 चार पहिया वाहन पार्क हो पाते हैं। टर्मिनल भवन के बगल में बन रही मल्टीलेवल कार पार्किंग में एक साथ 1000 चार पहिया वाहन खड़े होंगे। इसके अलावा बाहर भी पुरानी कार पार्किंग उपयोग में रहेगी, जिसमें 450 चार पहिया वाहन खड़े होंगे।
बढ़ेगी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की संख्या
एयरपोर्ट से अभी रोजाना 80 से 90 उड़ानों का संचालन होता है। इसमें अधिकतम घरेलू उड़ानें हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या 5 से 6 है, जिनका संचालन दिन या सप्ताह के अनुसार किया जाता है। क्षमतावृद्धि और विस्तार के बाद यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ेगी। क्षमतावृद्धि के बाद एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा। पूरा एयरपोर्ट फ्री वाई-फाई से लैस होगा। हर तरफ सीसीटीवी कैमरे होंगे। यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था, रेस्टोरेंट, टॉयलेट, चेक-इन काउंटर, बैगेज बेल्ट आदि की संख्या बढ़ेगी। क्षमतावृद्धि के बाद पीक समय में एक साथ 5000 यात्री टर्मिनल में रुक सकेंगे।
परियोजना एक नजर में
निर्माण लागत — करीब 2,870 करोड़
विस्तार क्षेत्र — करीब 350 एकड़ भूमि पर
रनवे — 4,075 मीटर लंबा होगा
नया टर्मिनल — 75 हजार वर्ग मीटर में बनेगा
काम पूरा होने का समय — साल 2027 तक
डिजाइन — भगवान शिव के त्रिशूल और काशी विश्वनाथ धाम की वास्तुकला पर आधारित
वर्जन
एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। निर्माण का काम 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। - पुनीत गुप्ता, निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट