{"_id":"6a44ca2e42d2c91d3c00849d","slug":"jaunpur-athlete-rohit-yadav-clinches-national-gold-becomes-world-no-2-ranking-in-javelin-2026-07-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: बांस के डंडे से अभ्यास करने वाले नीरज को पछाड़ा, जौनपुर के रोहित बने दुनिया के नंबर दो भाला फेंक खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बांस के डंडे से अभ्यास करने वाले नीरज को पछाड़ा, जौनपुर के रोहित बने दुनिया के नंबर दो भाला फेंक खिलाड़ी
Wed, 01 Jul 2026 02:06 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:06 PM IST
सार
बचपन में बांस के डंडे से अभ्यास करने वाले जौनपुर के रोहित यादव दुनिया के नंबर दो भाला फेंक खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने नीरज चोपड़ा को भी पिछाड़ दिया है। 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम दिन 87.05 मीटर भाला फेंककर रोहित ने उपलब्धि हासिल की है।
विज्ञापन
Jaunpur Athlete Rohit Yadav
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
14 साल की उम्र में बांस के डंडे से अभ्यास करने वाले जिले के गांव अदारी डभिया के रोहित यादव 25 साल की उम्र में देश के नंबर एक और विश्व के नंबर दो भाला फेंक खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम दिन 87.05 मीटर भाला फेंक कर हासिल की।
चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले रोहित ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। इसी के साथ उन्होंने जापान के नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
विश्व रैंकिंग में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे (92.62 मीटर) पहले स्थान पर हैं, जबकि नीरज चोपड़ा (85.69 मीटर) चौथे स्थान पर हैं। रोहित यादव ने मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में बताया कि अभ्यास के दौरान 86 से 87 मीटर की दूरी पार कर रहा था लेकिन प्रतियोगिताओं में यह थ्रो नहीं निकल पा रहा था, जिससे वह निराश थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले रोहित ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। इसी के साथ उन्होंने जापान के नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
विज्ञापन
विश्व रैंकिंग में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे (92.62 मीटर) पहले स्थान पर हैं, जबकि नीरज चोपड़ा (85.69 मीटर) चौथे स्थान पर हैं। रोहित यादव ने मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में बताया कि अभ्यास के दौरान 86 से 87 मीटर की दूरी पार कर रहा था लेकिन प्रतियोगिताओं में यह थ्रो नहीं निकल पा रहा था, जिससे वह निराश थे।
विज्ञापन
चैंपियनशिप में क्रमशः 77.71 मीटर, 77.63 मीटर, नो मार्क, 77.51 मीटर, 79.40 मीटर और अंत में 87.05 मीटर का जादुई आंकड़ा छुआ। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों के लिए उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। रोहित के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उत्तर प्रदेश ने पुरुषों की टीम ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया।
तीनों बच्चों ने संघर्ष और मेहनत से हासिल किया मुकाम : पिता
रोहित की उपलब्धि पर उनके गांव अदारी डभिया में जश्न का माहौल है। पिता सभाजीत यादव ने बताया कि पहले आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, वह झोपड़ी में रहते थे लेकिन अपने तीनों बेटों राहुल (28), रोहित (25) और रोहन (19) को भाला फेंक का अभ्यास कराते थे।
रोहित की उपलब्धि पर उनके गांव अदारी डभिया में जश्न का माहौल है। पिता सभाजीत यादव ने बताया कि पहले आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, वह झोपड़ी में रहते थे लेकिन अपने तीनों बेटों राहुल (28), रोहित (25) और रोहन (19) को भाला फेंक का अभ्यास कराते थे।
शुरूआत में तीनों बच्चों को बांस के डंडे से अभ्यास कराना शुरू किया, उस वक्त रोहित की उम्र 14 साल थी। गरीबी के बीच बच्चों ने संघर्ष किया और अपनी मेहनत व लगन से मुकाम हासिल किया।
राहुल राष्ट्रीय तो रोहित और रोहन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 60 की उम्र में भी वह गांव के बच्चों को भाला फेंक का अभ्यास कराते हैं।