काशी विद्यापीठ: 60% विद्यार्थियों को नए मिलेंगे हॉस्टल, 500 के रहने की क्षमता; पहले से रह रहे 200 छात्र
Varanasi News: काशी विद्यापीठ में 98 नई छात्राओं सहित कुल 300 को कमरे आवंटित होंगे। लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास (एलबीएस), आचार्य नरेंद्र देव हॉस्टल (एएनडी) हैं। छात्राओं के रहने के लिए जेके महिला छात्रावास बना है।
विस्तार
Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में विभागवार नए नियमों पर 60 फीसदी छात्र और छात्राओं को हॉस्टल दिए जाएंगे। कुल 500 छात्रों के लिए हॉस्टल में रहने की व्यवस्था है। वहीं इस सत्र में ही 500 से ज्यादा नए छात्र और छात्राओं ने आवेदन कर दिया है।
जबकि इन हॉस्टलों में 200 से ज्यादा छात्र और छात्रा पहले से ही रह रहे हैं। जिनकी अभी दो या चार सेमेस्टरों की पढ़ाई अभी बाकी है। ऐसे में अब इनमें से भी छात्रों की अंतिम मेरिट सूची तैयार कर हॉस्टलों के कमरों का आवंटन किया जाएगा। इस सत्र में हर एक विभाग से प्रवेश परीक्षा के अंक और 300 नए छात्र और छात्राओं को ही हॉस्टल मिल पाएगा।
वर्तमान में काशी विद्यापीठ में तीन हॉस्टलों (एक महिला छात्रावास) को मिलाकर कुल 500 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। इसमें तीनों को मिलाकर करीब 200 विद्यार्थी स्नातक दूसरे वर्ष, तीसरे वर्ष और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष वाले हैं। करीब 300 कमरे ही पहले वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आवंटित होने के लिए तैयार हैं।
100 कमरे के लिए 200 आवेदन
छात्रों के लिए लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास (एलबीएस) और आचार्य नरेंद्र देव हॉस्टल (एएनडी) हैं। छात्राओं के रहने के लिए जेके महिला छात्रावास बना है। कश्मकश यह है कि पहले वर्ष में आवेदन करने वालों की संख्या पहले से वहां रहने वालों से दोगुनी है। विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए एलबीएस में 64 कमरे, एएनडी में 78 और जेके महिला छात्रावास में 98 कमरे हैं।
विवि के नियमानुसार एक कमरे में दो-दो विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है। पहले वर्ष के विद्यार्थियों से छात्रावास में रहने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके अलावा इस सत्र पहले वर्ष में दाखिला लेने वाली 150 से ज्यादा छात्राओं ने कमरा के लिए आवेदन दिया है। लेकिन इस हॉस्टल में भी इनके लिए कुल 98 कमरे ही आवंटित होने हैं। इसी तरह की स्थिति छात्रों के हॉस्टल की भी है। इसमें एएनडी हॉस्टल में नियमानुसार नवागत 100 छात्रों को ही कमरा मिल पाएगा। यहां के लिए भी 200 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है।
विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रावास के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं। आवंटन के लिए नियमानुसार विभागवार ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि सभी विभागों से छात्र-छात्राओं को कमरा मिल सके। - डॉ.नागेंद्र कुमार सिंह, मुख्य गृहपति