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UP: पूर्व IPS अभिताभ ठाकुर को मिली जमानत, दलील में कही गई बड़ी बात; 50-50 हजार की देनी होगी जमानत

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 09 Jan 2026 06:15 PM IST
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सार

Varanasi News: अमिताभ ठाकुर को बीते दिनों देवरिया से लाकर वाराणसी के सेंट्रल जेल में रखा गया था और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनका म्यायिक रिमांड बनाया गया। न्यायिक रिमांड बनने के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा में लेकर देवरिया जेल के लिए निकल गई थी।

Former IPS officer Amitabh Thakur granted bail in varanasi significant point made during arguments
अभिताभ ठाकुर को मिली जमानत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi Crime: चौक थाने में दर्ज एक मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। जिला जज संजीव शुक्ला को अदालत ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

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अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपित को मात्र राजनितिक विद्वेषवश शासन-प्रशासन के दबाव में वादी मुकदमा द्वारा दर्ज कराया गया है। आरोपित पूर्व आईपीएस अधिकारी रहा है और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों व भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के फलस्वरुप जबरिया सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। 
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पुलिस सेवा से बर्खास्तगी के बाद एक आजाद अधिकार सेना नामक सामाजिक संगठन का गठन कर देश-प्रदेश में हो रहे विधि विरुद्ध कार्यों व सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं के भ्रष्ट कारनामों को उजागर करने लगा। जिससे प्रदेश की भाजपा सरकार आरोपित के सामाजिक संगठन के विरुद्ध फर्जी व झूठे आरोप लगवाकर फजी व झूठे मुकदमे दर्ज कराने लगी। 

सोशल मीडिया पर किया था पोस्ट

उक्त मुकदमा भी उसी का परिणाम हैं। उसने अपने ट्वीटर हैंडल पर जो पोस्ट किया वह किसी की मान-प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता व देश का नागरिक की हैसियत से उक्त आरोपों की विधि सम्मत जांच कराए जाने के उद्देश्य से सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए पोस्ट किया। 

अभियोजन व वादी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपित पर 10 मुकदमों की हिस्ट्रीशीट है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपित को जमानत दे दी। 

ये है पूरा मामला

बतादें कि बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अंबरीष सिंह 'भोला' ने चौक थाने में बीते नौ दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। 

साथ ही वाहुचर्चित कफ सिरप मामले में विना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताते हुए अर्नगल आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक वा गलत खाकर प्राचारित किया है। जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर आघात पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर व एक अन्य के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था। 

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