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लॉर्ड विश्वेश्वर केस: अगली सुनवाई 24 अप्रैल को, पक्षकार बनाए जाने का है मामला; वाद मित्र को हटाने की मांग

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 22 Apr 2025 05:45 AM IST
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सार

Gyanvapi Case News: लॉर्ड विश्वेश्वर केस में सिविल जज (सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक) की अदालत में बहस हुई। इसमें वाद मित्र को हटाए जाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इसके लिए अगली तारीख नियत कर दी है।

Lord Vishwaeshwar case Next hearing on 24 April matter making party demand for removal amicus curiae
ज्ञानवापी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

Kashi Vishwanath Temple: सिविल जज (सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के लॉर्ड विश्वेश्वर केस के वादी रहे पं. हरिहर पांडेय की बेटियों मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेनू पांडेय की पक्षकार बनाए जाने की अर्जी पर सुनवाई शुरू हो गई। 

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इस मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। हालांकि इस अर्जी पर पहले बहस हुई थी। नए पीठासीन अधिकारी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद पक्षकार बनाने हरिहर पांडेय की तीनों बेटियों की अर्जी पर आशीष श्रीवास्तव ने बहस शुरू की है।
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उधर, इस वाद में पिछली तिथि पर एक अर्जी अनुष्का तिवारी की ओर से दाखिल की गई थी। उन्होंने लॉर्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुकदमे के तीनों वादियों का निधन हो चुका है। विजय शंकर रस्तोगी स्थानांतरण आवेदन का विरोध करके देवता के अनेक भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। 

वाद मित्र को हटाने की मांग

उचित आवश्यक पक्षों को पक्षकार नहीं बनाया गया है अर्थात राज्य सरकार, भारत संघ और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट। इन संस्थाओं की पक्षकार के रूप में अनुपस्थिति संभावित रूप से कार्यवाही की व्यापकता और प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है।

इसी तरह, काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट आसन्न मंदिर का प्रबंधन करता है और उपर्युक्त मुकदमे के परिणाम में निहित स्वार्थ रखता है। एक सुस्थापित कानून है, यदि अगला मित्र मामले को ठीक से नहीं संभाल रहा है और नाबालिग या देवता के हितों की रक्षा नहीं कर रहा है, तो न्यायालय द्वारा अगले मित्र को हटाया जा सकता है। 

विजय शंकर रस्तोगी को वादी के नेक्स्ट फ्रेंड के पद से हटाने की कोर्ट से गुहार लगाई है। लॉर्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने अनुष्का तिवारी की अर्जी पर आपत्ति दाखिल की है। कोर्ट ने वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से दाखिल ट्रस्ट डीड को पत्रावली में शामिल करने की अनुमति दे दी है।

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