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LPG Crisis: सिलिंडर के ‘झटके’ से बिगड़ा बनारसी स्वाद, शादियों के मेन्यू में हो रही कटौती; परेशानी

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 03 May 2026 03:26 PM IST
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सार

Varanasi News: कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ जाने से उन दुकानदारों को दिक्कत होगी, जो खान-पान से जुड़े हुए हैं। बनारस की हर गली-चाैराहे पर नाश्ते की दुकान चलाने वाले अब अपने व्यंजनों का दाम बढ़ाने की सोच रहे हैं।

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ट्रक से गैस सिलिंडर उतारता मजदूर। - फोटो : संवाद
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विस्तार

वाराणसी जिले में कमर्शियल गैस सिलिंडर को लेकर काफी ऊहापोह की स्थिति है। एक दिन पहले सिलिंडर की कीमत 993 रुपये थी जो बढ़कर 3200 रुपये हो गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट समेत कैटरिंग उद्योग संचालकों की चिंता बढ़ गई है।  इनमें मिलने वाले व्यंजनों के दाम 30 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।  

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जिले में गैस की कीमतों के कारण स्ट्रीट फूड एवं रेस्टोरेंट संचालक डीजल भट्ठी और कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। नदेसर पर रेस्टोरेंट संचालक डीके मिश्रा ने बताया कि गैस को लेकर जिस प्रकार से पिछले दो महीने से दिक्कत चल रही है, अब खाने के सामानों की कीमतें बढ़ाने की नौबत आ गई है।

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गैस किल्लत कम नहीं हुई तो अगले दो-तीन दिनों में खाने के सामानों की कीमतें 20-30 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगी। बुलानाला चौराहे पर रेस्टोरेंट संचालक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि कमर्शियल गैस की किल्लत को देखते हुए पीएनजी के लिए आवेदन किया गया है। इसमें तकरीबन 10 दिनों का समय लग सकता है। जब तक पीएनजी आपूर्ति शुरू नहीं हो जाती, तब तक कम आंच वाले व्यंजन ही पकाए जाएंगे। 

गोदौलिया पर फास्ट फूड की दुकान लगाने वाले मुकेश कुशवाहा ने बताया कि पहले वह 7-8 घंटे दुकान लगाते थे, लेकिन अब गैस की किल्लत के कारण मात्र चार घंटे ही दुकान लगा रहे हैं। 

महंगा होगा नाश्ता : फूड इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई छोटे दुकानदार अब गैस छोड़कर कोयले या लकड़ी के चूल्हों की ओर लौटने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे न केवल पर्यावरण पर असर पड़ेगा बल्कि खाने की गुणवत्ता और सेवा की गति भी प्रभावित हो रही है। जो ग्राहक कभी गोदौलिया की प्रसिद्ध कचौड़ी या सारनाथ में नाश्ते का आनंद लेते थे, अब यह अनुभव महंगा होने वाला है।  

शादियों में कम हुआ मेन्यू
कैटरर शरद श्रीवास्तव ने बताया कि मई और जून में शादियों के जो भी ऑर्डर मिले हैं, उनके मेन्यू में 30 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है। आयोजकों का स्पष्ट रूप से कहना है कि वह गैस नहीं उपलब्ध करा पाएंगे। 

एलपीजी से 71 रुपये प्रति किग्रा सस्ती पीएनजी
जिले में एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच पीएनजी विकल्प बन रही है। गेल (सिटी गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन) के चीफ मैनेजर प्रवीण गौतम ने बताया कि कमर्शियल गैसी की कीमत बढ़कर 3200 रुपये प्रति सिलिंडर हो गई है। इसके कारण एलपीजी की प्रति किलोग्राम लागत लगभग 171 रुपये तक पहुंच गई है। जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर परिचालन लागत का दबाव बढ़ गया है। 

वाणिज्यिक पीएनजी की लागत लगभग 100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आती है, जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में लगभग 40% तक की बचत संभव है। वहीं, घरेलू उपयोग के लिए पीएनजी की दर 47.47 रुपये प्रति एससीएम एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए 82.05 रुपये प्रति एससीएम निर्धारित है। 

पीएनजी वाले रेस्टोरेंट में कम आ रही लागत 
जिन भोजनालयों में पीएनजी (पाइपलाइन नेचुरल गैस) का कनेक्शन है, वहां लागत कम आ रही है क्योंकि पीएनजी की दरें सिलेंडर के मुकाबले स्थिर और सस्ती हैं। वहीं, गोदौलिया की तंग गलियों और सारनाथ के कई हिस्सों में, जहां अभी तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है, दुकानदार महंगे कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं। इससे एक ही शहर में उपभोक्ताओं को अलग-अलग दरों पर भुगतान करना पड़ रहा है।

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