LPG Crisis in Varanasi: चांदपुर में 50 पैकेजिंग इकाइयां बंद, करखियांव में 38 की कैंटीन पर ताला
Varanasi News: एलपीजी गैस सिलिंडर के संकट के बीच वाराणसी में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं। इस बीच चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में 50 पैकेजिंग इकाइयां बंद हो गईं। करखियांव में 38 इकाइयों की कैंटीन पर ताला लग गया।
विस्तार
एलपीजी गैस सिलिंडर के लिए घरेलू उपभोक्ता रोजाना लाइन में लगे दिख रहे हैं। इनकी संख्या देखकर ही स्थिति भयावह लगती है, लेकिन इनसे भी अधिक परेशान उद्यमी और व्यापारी हैं। कॅमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में 50 पैकेजिंग इकाइयां बंद हो गई हैं। वहीं करखियांव में स्थित 38 इकाइयों की कैंटीन बंद हो गई है। इससे करीब 300 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है।
पैकेजिंग चेन टूटने के कारण बेकरी, फैन, टेक्सटाइल, टाइल आदि इंडस्ट्रीज का कामकाज भी प्रभावित है। चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 150 इकाइयों में करीब 50 पैकेजिंग इकाइयां हैं। पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह चालू नहीं हुई है। केवल 10 प्रतिशत इकाइयों को ही पीएनजी की आपूर्ति हो रही है, जबकि शेष में एलपीजी के कॅमर्शियल सिलिंडर का उपयोग किया जाता है।
सिलिंडर न मिलने के कारण सभी कैंटीन बंद हैं और कर्मचारी मजबूरन लकड़ी पर खाना बना रहे हैं। उद्यमियों के अनुसार गैस संकट से प्रभावित इंडस्ट्रीज में बीते 14 दिनों में 300 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर असर पड़ा है।
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बचे माल से चल रहा कारोबार, नए का उत्पादन नहीं
49 घरेलू और 2 कॉमर्शियल सिलिंडर जब्त, 5 के खिलाफ प्राथमिकि
गैस संकट के बीच आपदा में अवसर खोज रहे अवैध कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन सख्त है। बृहस्पतिवार को आपूर्ति विभाग ने सारनाथ और राजघाट क्षेत्र में छापा मारा। इस दौरान 49 घरेलू और 2 कॉमर्शियल सिलिंडर बरामद कर जब्त किया। इसके अलावा रीफिलिंग यंत्र भी जब्त किया गया। ऐसा करने वाले 5 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकि भी दर्ज कराया है। इनमें राजकुमार श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, भरत मिश्रा, अज्ञात वाहन स्वामी व विनय कुमार गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकि दर्ज कराई गई है। कार्रवाई करने वाली टीम में पूर्ति निरीक्षक पुलकित वत्स, राघवन त्रिपाठी, संजय सिंह, नेहा यादव, नेहा सक्सेना, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सुषमा देवी और भानु प्रताप सिंह मौजूद रहे।
यह हुई समस्याएं
- सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही
- सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही
- मिड डे मील में खाना लकड़ी पर बन रहा
- होटल और रेस्टूरेंट बंदी की कगार पर
- स्ट्रीट वेंडर दुकान नहीं खोल पा रहे
- ट्रस्ट, मंदिरों या एनजीओ को भी सिलिंडर नहीं मिल रहा, भंडारे पर संकट
जिम्मेदार बोले
कॉमर्शियल सिलिंडर पर आश्रित उद्योग बुरी तरह प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से जो आपूर्ति ठप की गई है उसमें थोड़ी ढील देनी चाहिए। मांग के मुकाबले कुछ संख्या में ही सही सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए, जिससे कारोबार प्रभावित न हो। -राजेश भाटिया, अध्यक्ष, द स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, वाराणसी
गैस कंपनियों की ओर से ही कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति इंडस्ट्रीज के लिए नहीं हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी की पाइपलाइन बिछाई गई है। इसकी आपूर्ति शुरू कराना चाहिए। सिलिंडर कंपनी की ओर से मिलने पर ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। -केबी सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी