मनीष सिंह हत्याकांड: चार आरोपियों ने सरेंडर के लिए किया आवेदन, कोर्ट ने पूछा- अब तक कितनी कार्रवाई हुई है
Varanasi News: अदालत ने आवेदन पर सुनवाई कर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया, बल्कि संबंधित थाने से आख्या (रिपोर्ट) तलब की है। कोर्ट ने पुलिस से मामले की वर्तमान स्थिति, आरोपियों की भूमिका और अब तक की कार्रवाई का विवरण मांगा है।
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Varanasi News: वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित घमहापुर गांव में हुए बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। मामले के चार आरोपियों ने अब अदालत की शरण लेते हुए आत्मसमर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में आरोपी गोविंद, नागेंद्र, आशीष और मनीष राजभर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में आरोपियों ने न्यायालय के समक्ष पेश होकर विधिक प्रक्रिया का पालन करने की इच्छा जताई है।
हालांकि, अदालत ने इस पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थाना पुलिस से विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) तलब की है। कोर्ट ने पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई, आरोपियों की भूमिका, साक्ष्यों की स्थिति और मामले की वर्तमान प्रगति का पूरा विवरण मांगा है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद ही अदालत आत्मसमर्पण आवेदन पर अंतिम निर्णय लेगी। माना जा रहा है कि न्यायालय सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा।
गौरतलब है कि घमहापुर में हुए इस हत्याकांड ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा और आक्रोश पैदा किया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और कई संदिग्धों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
इस बीच, आरोपियों द्वारा आत्मसमर्पण की पहल को मामले में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया को गति मिल सकती है, बल्कि पीड़ित पक्ष को भी न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशानुसार जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों के आत्मसमर्पण पर क्या निर्णय लिया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।
फर्जी दस्तावेज के सहारे रह रहे बांग्लादेशी की जमानत अर्जी खारिज
पर जिला जज (13) नीरज कुमार बख्शी की अदालत ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद बशर की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, रामनगर थाना पुलिस ने पिछले माह बशर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
