पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल के जिलों में शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार को आंधी-बारिश के साथ ओले और बिजली गिरने से भारी नुकसान हुआ। जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। टिनशेड और छप्पर, दुकानों के बोर्ड उड़ गए। इस दौरान 14 लोगों की जान चली गई। गेहूं, सरसों और दलहन के साथ, गन्ने की फसल व आम की बौर को भारी नुकसान पहुंचा। वाराणसी में दिनभर बादल छाए रहे। शाम को गरज-चमक के साथ बारिश हुई।
जौनपुर में बृहस्पतिवार रात आंधी और तेज बारिश के दौरान तार, खंभे और पेड़ टूट गए। इनकी चपेट में आने से सूरज पाल (16), बृजलाल गौतम (50), धर्मा देवी (45) की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए।
बिजली गिरने से शुक्रवार को मिर्जापुर में जगीनाथ (48), जौनपुर में उर्मिला (55), चंदौली में छन्नूलाल (23) और सोनभद्र में सुमिरन (50) की मौत हो गई। भदोही में चार लोग झुलस गए। मिर्जापुर के गौरागांव में पेड़ गिरने से राजेश यादव (40), उनकी मां केवला देवी (60), घसड़ा में दीवार गिरने से खिलाड़ी पाल (70), सिरसी गहरवार में धरन गिरने से काजल (8), अहरौरा में मकान पर पेड़ गिरने से गन्ना सोनकर (60) की जान चली गई। विंध्याचल में आंधी से नाव पलटने के कारण चमेली देवी (52) की जान चली गई। भदोही के कलिक मवैया गांव में पेड़ गिरने से गुमानी देवी (65) की मौत हो गई। इन्हें मिलाकर बुधवार रात से शुक्रवार शाम तक मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। इससे पहले पेड़ और बिजली गिरने से चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही एक-एक की जान जा चुकी है।
आजमगढ़ में बारिश के साथ ओले गिरे। मऊ और बलिया में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। भदोही में आंधी के साथ बारिश हुई और बड़े-बड़े ओले भी गिरे। मिर्जापुर में ओले पड़े और आंधी के साथ बारिश हुई।
सोनभद्र में सुबह से रुक-रुक बारिश होती रही। चंदौली, गाजीपुर में तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से निचली सतह पर आ रही पुरवा हवाओं के मिलने के कारण बेमौसम बारिश हो रही है। अभी 15 मार्च तक मौसम खराब रहेगा।