Varanasi News: डीएम से मिले अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के लोग, कहा- मस्जिद पहले, रेलवे बाद में; की ये मांग
Varanasi News: वाराणसी सिटी स्टेशन के समीप स्थित मस्जिद को हटाने संबंधी रेलवे के नोटिस के विरोध में अंजुमन इंतेजामिया कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने दावा किया कि मस्जिद रेलवे से पहले की है और इसे न हटाने की मांग की। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच और उचित समाधान की अपील की।
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Varanasi News: काशी रेलवे स्टेशन के निकट गंज शहीदा मस्जिद को हटाने के लिए रेलवे द्वारा जारी किए गए नोटिस के बाद, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखी। कमेटी के सदस्यों का दावा है कि मस्जिद का रेलवे की भूमि से कोई संबंध नहीं है और यह रेलवे के अस्तित्व से पहले से ही वहां मौजूद है।
कमेटी के लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 1883-84 के पुराने नक्शों में भी इस मस्जिद का उल्लेख मिलता है। इसके विपरीत, गंगा नदी पर रेलवे पुल का निर्माण वर्ष 1887 में हुआ था। इस ऐतिहासिक तथ्य को आधार बनाते हुए, कमेटी का कहना है कि मस्जिद रेलवे पुल के निर्माण से भी पहले से अस्तित्व में है, इसलिए इसका रेलवे की भूमि से कोई संबंध नहीं हो सकता।
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वह इस मामले में दस्तावेजों की गहन जांच कराएं। साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारी से उत्तर रेलवे प्रशासन को यह निर्देश जारी करने की भी मांग की है कि मस्जिद को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाने या उसे हटाने जैसी कोई भी कार्रवाई न की जाए।
रेलवे ने दिया 20 जून तक का समय
रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशन परिसर के आसपास स्थित अतिक्रमणों को चिह्नित कर उन्हें हटाया जा रहा है। इसी क्रम में गंज शहीदा मस्जिद को हटाने के लिए रेलवे की ओर से सोमवार को नोटिस चस्पा कराया गया। रेलवे प्रशासन ने मस्जिद प्रबंधन को 20 जून तक का समय देते हुए इस जगह को खाली करने को कहा है।
रेलवे की ओर से संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा कराने के साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि भूमि रेलवे की संपत्ति है और प्रस्तावित विकास कार्यों को पूरा करने के लिए उक्त स्थान को खाली कराया जाना आवश्यक है।
पहले भी हटाए जा चुके हैं धार्मिक ढांचे
रेलवे और जिला प्रशासन ने काशी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास पहले भी चिह्नित अतिक्रमण हटाए हैं। काशी रेलवे स्टेशन के किला कोहना (राजघाट) क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर और अजगेब शहीद मस्जिद व मजार को भी रेलवे एवं जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तहत हटाया जा चुका है। उस दौरान भी प्रशासन ने पूर्व सूचना और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की थी।