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Varanasi News: काशी के अंत्येष्टि स्थलों का विकास करेगा नगर निगम
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शहर के प्रमुख अंत्येष्टि स्थलों के विकास की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने नगर आयुक्त प्रणय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। इस कार्य में सीएसआर फंड का इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर दो योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें एक योजना यहां पर नगर निगम की ओर से अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के लिए विश्रामालय बनाना है। इसके अलावा यहां पर कम लकड़ी में शव जलाने वाला संयंत्र लगवाना है। इसके लिए एक संस्था से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। हरिश्चंद्र घाट पर दो नए शवदाह गृह का निर्माण कराना है। यहां पहले से ही दो शवदाह गृह है। यहां पर बैठने के अलावा मूलभूत सुविधाओं का विकास करना है। इनमें शौचालय, पेयजल, कुर्सियां, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाएगी। दोनों स्थानों पर होने वाले कार्य संस्थाओं के सीएसआर फंड से कराए जाएंगे। पिछले दिनों संस्था के लोगों ने संपर्क किया था। इसकी डिजाइन और सुरक्षा पर अधिक फोकस किया जा रहा है। मोक्ष की नगरी में बनने वाले शवदाह गृह की डिजाइन पर मंथन चल रहा है।
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अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर दो योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें एक योजना यहां पर नगर निगम की ओर से अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के लिए विश्रामालय बनाना है। इसके अलावा यहां पर कम लकड़ी में शव जलाने वाला संयंत्र लगवाना है। इसके लिए एक संस्था से बातचीत चल रही है। जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। हरिश्चंद्र घाट पर दो नए शवदाह गृह का निर्माण कराना है। यहां पहले से ही दो शवदाह गृह है। यहां पर बैठने के अलावा मूलभूत सुविधाओं का विकास करना है। इनमें शौचालय, पेयजल, कुर्सियां, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जाएगी। दोनों स्थानों पर होने वाले कार्य संस्थाओं के सीएसआर फंड से कराए जाएंगे। पिछले दिनों संस्था के लोगों ने संपर्क किया था। इसकी डिजाइन और सुरक्षा पर अधिक फोकस किया जा रहा है। मोक्ष की नगरी में बनने वाले शवदाह गृह की डिजाइन पर मंथन चल रहा है।
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