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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Three cases of fraud in Varanasi 20 lakh swindled under pretext of securing job accompanied by death threats

वाराणसी में ठगी के तीन केस: नौकरी दिलाने के नाम 20.50 लाख की चपत, जान से मारने की धमकी दी; जानें मामले

Sat, 15 Aug 2026 11:13 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 15 Aug 2026 11:13 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी के चितईपुर, शिवपुर और भेलूपुर थाना क्षेत्रों में ठगी के तीन मामले सामने आए हैं। चितईपुर में बीएचयू में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20.50 लाख रुपये ठगने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी ने खुद को बीएचयू कर्मी बताकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया था। रकम मांगने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी।

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Three cases of fraud in Varanasi 20 lakh swindled under pretext of securing job accompanied by death threats
वाराणसी में दर्ज हुए थे मामले। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

Varanasi News: बीएचयू में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख की धोखाधड़ी करने के आरोपी दिनेश कुमार को चितईपुर पुलिस ने शुक्रवार को करौंदी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी दिनेश कुमार ने खुद को बीएचयू कर्मी बताकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर लोगों को ठगा था।

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चितईपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही का निवासी है। खुद को बीएचयू में जूनियर लैब अटेंडेंट बताया। कहा था कि वह बायो केमिकल इंजीनियरिंग आईआईटी में तैनात है। 

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डंगरी कला निवासी अनिल कुमार के भाई अजीत और पत्नी को नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपये लिए। दिनेश कुमार ने कूटरचित बीएचयू का नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। नियुक्ति पत्र पर डिप्टी रजिस्ट्रार शिव कुमार त्रिपाठी का फर्जी हस्ताक्षर पत्र भी जारी कर दिया। बीएचयू पहुंचने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। जब नियुक्ति फर्जी निकला और पैसे वापस मांगे गए तो दिनेश ने केवल आठ लाख रुपये लौटाए। शेष धनराशि के लिए दस-दस लाख रुपये के दो चेक दिए, जिनके हस्ताक्षर भी बैंक में फर्जी मिले। आरोपी ने अनिल को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी थी।

साइबर ठगी होने पर तुरंत मिलाए 1930 : एडीसीपी साइबर नृपेंद्र कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलते ही सबसे पहले 1930 नंबर पर कॉल करें ताकि पैसे को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके। 

ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाएं और ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट के साथ तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें। बैंक के कस्टमर केयर को फोन करें या तुरंत  ईमेल भेजकर खाता और डेबिट कार्ड ब्लॉक करवाएं। 

छुट्टी पर आए सैन्यकर्मी के खाते से 5.33 लाख की ठगी
साइबर ठगों ने छुट्टी पर आए भारतीय सेना के जवान रमेश कुमार सिंह के दो बैंक खातों से 5.33 लाख रुपये उड़ा दिए। एक अगस्त को ठगों ने बिना सहमति के यूपीआई से पैसे निकाले। पीड़ित जवान की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में बृहस्पतिवार रात मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 

शिवपुर थाना क्षेत्र के विवेकापुरम कॉलोनी निवासी रमेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह छुट्टी पर घर आए थे। बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 527434 रुपये निकाले गए। उसी दिन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खाते से भी 649985 रुपये गायब कर दिए गए। 

कुल 533933 रुपये से अधिक की ठगी हुई। उनके घर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस बीच ठगी से भारी मानसिक और वित्तीय परेशानी हुई है। नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी लिंक पर क्लिक तो नहीं किया गया। बैंक अधिकारियों से भी पुलिस टीम ने संपर्क किया है। पता लगाने का प्रयास है कि पीड़ित के बैंक खाते से किस शहर और किस खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ है। 

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निवेश के नाम पर 4 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
भेलूपुर थाना क्षेत्र की नीलिमा सिंह ने कुशाग्र श्रीवास्तव, पत्नी शुभांगी श्रीवास्तव और अन्य लोगों पर निवेश के नाम पर चार लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया और कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। 

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में गुड लाइफ फाइनेंशियल हब और गुड लाइफ कुशाग्र के नाम से कार्यालय खोलकर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए। आरोप है कि खुद को निवेश सलाहकार बताकर अधिक लाभ और मासिक ब्याज देने का झांसा दिया। 25 मार्च 2025 को महमूरगंज निवासी पुनीता के आवास पर बेटी की शादी के लिए रखी रकम में से चार लाख रुपये निवेश के नाम पर लिए गए। 

कुछ समय तक ब्याज दिया गया, बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। अवधि पूरी होने के बाद मूलधन भी नहीं लौटाया। आरोप है कि 25 मई 2026 को रकम वापस मांगने पर कुशाग्र, शुभांगी और उनके कुछ अज्ञात साथियों ने परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है।

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