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जननी सुरक्षा योजना में बड़ा झोल: वाराणसी में कागज पर प्रसव 114%, 16 हजार से ज्यादा महिलाओं को नहीं मिला भुगतान

अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 15 Jun 2026 01:10 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में जननी सुरक्षा योजना की रफ्तार काफी धीमी है। यहां कागज पर प्रसव का रिकॉर्ड 114 फीसदी लेकिन 16 हजार से ज्यादा महिलाओं को भुगतान नहीं मिला। 

Negligence in Janani Suraksha Yojana at government hospitals in Varanasi
गर्भवती - फोटो : adobestock
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विस्तार

वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में जननी सुरक्षा योजना का पैसा महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। कागज पर प्रसव का रिकॉर्ड 114 फीसदी है लेकिन 16 हजार से ज्यादा महिलाओं को अभी तक भुगतान नहीं मिला है। पिंडरा और बड़ागांव विकास खंड की 90 फीसदी महिलाएं भुगतान से वंचित हैं।



जिला स्वास्थ्य समिति की मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जेएसवाई के तहत जिले में 38.78 फीसदी महिलाओं को ही भुगतान मिला है। पिंडरा में 9.64 फीसदी और बड़ागांव में सिर्फ 18.38 फीसदी महिलाओं को भुगतान मिल सका। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 27,370 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए हैं। यह कुल लक्ष्य 24,071 से ज्यादा है। इसके मुकाबले सिर्फ 10,615 लाभार्थियों को ही भुगतान मिल पाया है। यानी 16,755 से ज्यादा योजना के लाभ से वंचित हैं।
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पिंडरा ब्लाॅक की स्थिति सबसे खराब
जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में पिंडरा ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब है। यहां 3,371 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष केवल 325 माताओं को ही भुगतान मिला है। बड़ागांव ब्लॉक में भी 2,769 प्रसव के मुकाबले सिर्फ 509 लाभार्थियों को राशि मिल पाई है। चोलापुर ब्लॉक में 4,338 प्रसव के बावजूद भुगतान केवल 1,083 लाभार्थियों (24.97 फीसदी) को हुआ। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी 3,194 प्रसव के सापेक्ष मात्र 646 माताओं (20.23 फीसदी) को ही भुगतान मिला है।

डिजिटल इंडिया की जमीनी हकीकत पर सवाल
वाराणसी जैसे हाई-प्रोफाइल जिले में डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया जाता है। इसके बावजूद, सबसे महत्वपूर्ण स्पर्श पोर्टल पर डेटा फीड करने में महीनों लग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण वाराणसी में लक्ष्य से ज्यादा संस्थागत प्रसव कराने पर अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन यह तथ्य छुपा रहा है कि 16,755 से ज्यादा माताओं को योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
 
ग्रामीण क्षेत्र में 1400 तो शहर में 1000 रुपये मिलते हैं
योजना के तहत सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये की नकद सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये की नकद सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। यदि कोई गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली गर्भवती महिला स्वेच्छा से घर पर ही प्रसव का विकल्प चुनती है, तो उसे प्रसव के बाद 500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।

12 महीन में 73 गर्भवती महिलाओं की मौत, 55 केवल बीएचयू में
जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 (मार्च 2026 तक) के दौरान वाराणसी में कुल 73 गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है। इसमें अकेले बीएचयू में 55 महिलाओं की मौत दर्ज हुई है। चूंकि बीएचयू पूरे पूर्वांचल का सबसे बड़ा रेफरल सेंटर है, इसलिए गंभीर स्थिति में वहां पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होती है। अकेले मार्च महीने में 4 महिलाओं की मौत रिपोर्ट की गई, जो सभी बीएचयू में हुईं।
 

कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण लाभार्थियों का भुगतान अटका हुआ है उसे ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही सभी के खातों में राशि भेज दी जाएगी। -डॉ. मुकेश कुमार, सीएमओ

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