Varanasi News: ज्ञानवापी मामले में आपत्ति दाखिल, अगली सुनवाई 20 सितंबर को; जानें राहुल मामले में क्या हुआ
Varanasi News: ज्ञानवापी मामले को लेकर वाराणसी कोर्ट में सुनवाई हुई। वहीं, राहल गांधी मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों मामलों में अदालत ने अगली तारीख नियत कर दी है।
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सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में सुनवाई हुई। वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से कोर्ट में आपत्ति दाखिल की गई। इस मामले में अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
पिछले तिथियों पर कोर्ट ने इस मामले के वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को उक्त पद से और मुकदमे से हटाने के प्रार्थना पत्र में पारित आदेश में संशोधन के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। उसको साथ ही पक्षकार बनने संबंधित लंबित वाद पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने तिथि नियत की थी।
पिछले तिथि पर तीनों बेटियां की ओर से अधिवक्ता ने एक अर्जी दी। अर्जी में कहा गया कि उसके द्वारा दाखिल वादमित्र के हटाने संबंधित अर्जी को खारिज कर दिया। मगर पक्षकार बनने संबंधित अर्जी में बेटियों की ओर से संशोधित करनी है।
कहा गया कि वादी संख्या पांच जो प्राइवेट ट्रस्ट है और उसके सचिव खुद वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ही है, जो कि इस वाद में अनावश्यक और अनुचित पक्षकार है। इनको हटाना बहुत ही आवश्यक है। वादमित्र जो अपने शासकीय कार्य क्षेत्र के दौरान भी इनकी शैली पर सवाल उठा गया था। इस मामले में भी अपने हित साधने के लिए अनावश्यक रूप से विधि का दुरुपयोग करते हुए वाद मित्र नियुक्त कराया गया। इस तरह इस पक्षकार बनने संबंधित अर्जी में संशोधित करते हुए कुछ अनुदेशों को जोड़ने की गुहार लगाई है।
राहुल गांधी के मामले में 20 सितंबर को होगी सुनवाई
सिखों पर टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इस कारण कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। एसीजेएम चतुर्थ की कोर्ट में 20 सितंबर को सुनवाई होगी। पिछले साल राहुल गांधी ने अमेरिकी यात्रा के दौरान सिखों पर टिप्पणी की थी। सारनाथ के तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने वाद प्रस्तुत किया था, जिसे अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ नीरज त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार से पूर्वानुमति नहीं होने पर खारिज कर दिया था।
नागेश्वर मिश्र ने अपर सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 21 जुलाई 2025 को अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ के न्यायालय में पुनः सुनवाई के लिए वापस भेजा था, जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में वाराणसी न्यायालय की कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए क्रिमिनल रिविजन फाइल किया था।