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UP: वाराणसी के इस ब्लॉक प्रमुख का चुनाव रद्द करने की याचिका खारिज, धर्मेंद्र का निर्वाचन बरकरार; जानें मामला

Wed, 12 Aug 2026 09:52 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 12 Aug 2026 09:52 PM IST
सार

पिंडरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को चुनौती देने वाली सुनील यादव की याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, कोर्ट संख्या-13 ने खारिज कर दी। धर्मेंद्र को चुनाव में 71, सुनील को 64 और नरेंद्र पाल को एक मत मिला था। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने याचिका निरस्त कर दी।

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Petition to cancel election of Varanasi pindra Block Pramukh dismissed Dharmendra election upheld
पिंडरा ब्लॉक प्रमुख का चुनाव रद्द करने की याचिका खारिज। - फोटो : संवाद

विस्तार

पिंडरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, कोर्ट संख्या-13 की अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र पुत्र स्वर्गीय मेवालाल का निर्वाचन बरकरार रहेगा। चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे वादी सुनील यादव ने चुनाव रद्द कर उन्हें निर्वाचित घोषित करने की मांग की थी।

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सुनील यादव की ओर से दाखिल चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया था कि ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भ्रष्टाचार और अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा मतदाताओं को प्रभावित करने और निर्धारित सीमा से अधिक चुनावी खर्च किए जाने का भी आरोप लगाया गया था। वादी ने इन आधारों पर धर्मेंद्र के निर्वाचन को रद्द करने और स्वयं को निर्वाचित घोषित करने की मांग अदालत से की थी।

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अदालत में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव परिणाम और याचिका में लगाए गए आरोपों समेत विभिन्न तथ्यों पर विचार किया गया। अदालत के अनुसार, 10 जुलाई 2021 को हुए पिंडरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में धर्मेंद्र को 71 मत मिले थे। वहीं, सुनील यादव को 64 और नरेंद्र पाल को एक मत प्राप्त हुआ था। चुनाव परिणाम में धर्मेंद्र विजयी घोषित किए गए थे।

सुनवाई के दौरान वादी अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद चुनाव याचिका को निरस्त कर दिया। इससे धर्मेंद्र का ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्वाचन बरकरार रहा।
 

निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र विश्वकर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितनारायण सिंह, अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह और अधिवक्ता सुधीर कुमार सिंह ने अदालत में पैरवी की। अदालत के फैसले से चुनाव को लेकर चल रही कानूनी चुनौती समाप्त हो गई है।

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