UP: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में वाराणसी में एबीवीपी का मार्च, पुलिस से धक्का-मुक्की; प्रदर्शन
Varanasi News: झारखंड में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को बीएचयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने महिला महाविद्यालय चौराहे से सिंह द्वार तक विरोध मार्च निकाला। सिंह द्वार पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
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झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई कथित बर्बर कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। मार्च महिला महाविद्यालय चौराहे से शुरू होकर सिंह द्वार तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कार्रवाई के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मार्च के सिंह द्वार पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद कुछ देर तक मौके पर गहमागहमी और तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी के बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जारी रखा।
कार्यकर्ता पुनीत मिश्रा ने कहा कि झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान किया जाना चाहिए। एबीवीपी ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे थे। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
विरोध मार्च को देखते हुए बीएचयू परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। सिंह द्वार के आसपास प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की के बाद स्थिति पर नजर रखी गई। बाद में मामला शांत हुआ और माहौल सामान्य हो गया।