UP: दुष्कर्म...फरार आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क, पीड़िता को मदद के लिए दंपती लाए थे घर; बेटों ने किया कांड
Varanasi News: यूपी के वाराणसी जिले में कोरोना काल में पिता की मृत्यु के बाद दंपती युवती को अपने घर ले गए थे। आरोप है कि बेटों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर कई बार शोषण करते रहे। शिवपुर थाने में 2024 में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi Crime: दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) एफटीसी-14 तरुण कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी निशांत सिंह और शीतांशु सिंह के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत कुर्की की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चितईपुर क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने वर्ष 2024 में कोर्ट के आदेश पर शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि कोरोना काल में पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता का संजय कुमार के परिवार से संपर्क हुआ। संजय कुमार और उसकी पत्नी उसे अपने घर ले गए, जहां उनके बेटे निशांत और शीतांशु भी रहते थे।
ब्लैकमेल करते हुए कई बार बनाया संबंध
पीड़िता का आरोप है कि 27 मई 2021 को निशांत सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसकी तस्वीरें खींचकर वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद ब्लैकमेल करते हुए कई बार शोषण किया गया। बाद में आरोपी के छोटे भाई शीतांशु ने भी उसके साथ गलत कार्य करने का प्रयास किया और धमकियां दीं। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कही।
किसी तरह पीड़िता वहां से निकलकर जयपुर पहुंची, लेकिन कार्रवाई न होने पर वाराणसी आकर पुलिस और उच्चाधिकारियों से शिकायत की। सुनवाई न होने पर उसने अदालत की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस पर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोप सही पाते हुए दोनों आरोपियों को तलब किया।
आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने पहले धारा 82 के तहत उद्घोषणा जारी की थी। इसके बावजूद अदालत में हाजिर न होने पर अब धारा 83 के तहत कुर्की का आदेश पारित किया है।
साइबर फ्रॉड के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
क्रेडिट कार्ड इंश्योरेंस के नाम पर साइबर ठगी, मारपीट और धोखाधड़ी कर पैसे हड़पने के मामले को अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रचना सिंह की अदालत ने गंभीरता से लेते हुए छितौना, जौनपुर निवासी आनंद मौर्या की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी श्रवण कुमार रावत ने पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार, वादी हिमांशु तिवारी ने एनसीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी कि क्रेडिट कार्ड के इंश्योरेंस के नाम पर उनसे धोखाधड़ी कर पैसे हड़पे गए। वहीं दूसरी शिकायत में वादिनी मुस्कान कुशवाहा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये लिए और बाद में कूटरचित फर्जी ऑफर लेटर थमा दिया। जांच के दौरान सिगरा पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति शिरडी पेइंग गेस्ट हाउस, परेड कोठी (थाना सिगरा) में ठहरा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूछताछ में उसकी पहचान आनंद मौर्या के रूप में की।

कमेंट
कमेंट X