UP Board: 20 साल बाद काशी के राजकीय विद्यालय को मिला टॉपर, प्रदेश में भी छठां स्थान; प्रधानाचार्य देंगे एक लाख
Varanasi News: यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आते ही विद्यार्थियों के घरों में जश्न मनने लगा। उनके गुरुओं ने उन्हें आशीर्वाद दिया। इस बीच प्रधानाचार्य सुमीत श्रीवास्तव का वीडियो काफी वायरल हुआ। वे खुशी से रोने लगे थे।
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UP Board Result: 20 साल के बाद काशी में किसी राजकीय विद्यालय से यूपी बोर्ड में जिले का टॉपर मिला है। क्वींस कॉलेज के सूर्यदीप प्रजापति ने 96.83 फीसदी अंक लाकर हाईस्कूल में प्रदेश में छठां स्थान हासिल कर लिया। इस रिजल्ट के बाद प्रधानाचार्य सुमीत श्रीवास्तव खुशी में रोने लगे और टॉपर सूर्यदीप को अपने वेतन से एक लाख रुपये देने की घोषणा कर दी। वहीं, कई पुरा छात्रों ने भी कहा कि क्वींस कॉलेज कई दशक के बाद अपने स्वर्णिम युग में लौट गया है।
प्रधानाचार्य ने जिले के शीर्ष अधिकारियों को फोन लगाया और रोते हुए बोले कि राजकीय विद्यालय को कई दशकों बाद टॉपर मिला है। मैंने वादा किया था कि एक टॉपर दू्ंगा और आज ऐसा संभव हो गया है। जबकि यहां के पांच शिक्षकों ने कई बाधाएं डाली, लेकिन हम लोगों ने दरकिनार कर क्वींस कॉलेज को फिर से तीन दशक पुराने समय में लेकर गए। ये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों और मेहनत की जीत है। दो साल से जिंदगी खपा दी थी। इस दौरान प्रधानाचार्य ने ये भी कहा कि ऐसे शिक्षकों का निलंबन हो, क्योंकि इनमें एक शिक्षक ने कहा था कि सरकार बदलने दो फिर तुम्हें अनुशासन सिखा दूंगा।
वाराणसी में यूपी बोर्ड का रिजल्ट कई मायनों में खास रहा। हाईस्कूल वालों में आईआईटीयन बनने की चाहत दिखी तो वहीं 12वीं टॉपर्स की आंखों में डॉक्टर-आईएसस बनने की ख्वाहिशें उमड़ रही हैं। इनमें एक वकील की बेटी आईएएस बनने के लिए अभी से यूपीएससी की तैयारी शुरू का चुकी है।
जिला टॉपर के पिता हैं स्ट्रीट वेंडर
ठेला और स्ट्रीट फूड व्यापारी के बेटे सूर्यदीप ने 96.83 फीसदी अंक पाकर न सिर्फ जिले में टॉप किया है बल्कि प्रदेश के टॉप 10 की सूची में भी अपनी जगह बनाई है। पिता स्ट्रीट वेंडरों का सहयोग करते हैं। माता गृहिणी हैं। सूर्यदीप खुद आईआईटी में पढ़ाई कर करोड़ों के पैकेज पर इंजीनियर बनना चाहते हैं।
लाइनमैन की बेटी बनना चाहती है क्लास वन अधिकारी
जिले की दूसरी टॉपर लाइनमैन की बेटी मानसी यादव ने 96 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। मानसी को क्लास वन अधिकारी बनकर देश की सेवा करनी है। यूपीएससी की तैयारी करेंगी। वहीं, 95.83 अंक लाकर मजूदर के बेटे शिवम कुमार तीसरे स्थान पर हैं। पिता सक्षम नहीं थे इसलिए वो ननिहाल में रहकर पढ़ाई करते हैं। शिवम का सपना आईआईटी में जाना है।
पिता को मरीज देखते हुए मिली प्रेरणा
इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में पहला स्थान साक्षी पांडेय को मिला। 94.40 फीसदी अंक हासिल किया है। प्यारी देवी इंटर कॉलेज नेवादा बनकट की छात्रा साक्षी के पिता डॉक्टर हैं जिन्हें देखकर वह भी नीट की तैयारी में जुटी हुई हैं। पिता की तरह से वो भी डॉक्टर बनकर जनसेवा करना चाहती हैं।
वकील की बेटी का लक्ष्य आईएएस बनना
दूसरा स्थान पाने वाली वैशाली मौर्य ने 92 प्रतिशत अंक हासिल किया। वैशाली के पिता हृदय नारायण पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि माता प्रेमलता गृहिणी हैं। वैशाली आगे चल कर सिविल सेवा की तैयारी करेंगी। तीसरा स्थान पाने वाली रितु वर्मा ने इंटरमीडिएट में 92 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। रितु यूपीएससी की तैयारी करना चाहती हैं।

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